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साधना आंदोलन अभियान के तहत विश्वस्तरीय 40 दिवसीय अनुष्ठान साधना संपन्न

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साधना आंदोलन अभियान के तहत विश्वस्तरीय 40 दिवसीय अनुष्ठान साधना संपन्न
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एबीएन सोशल डेस्क। शांतिकुंज हरिद्वार के  तत्त्वावधान में गत बसन्त पर्व 2 फरवरी से 14  मार्च होली पूर्णिमा तक विश्वस्तरीय 40 दिवसीय अनुष्ठान साधना (2025) सोल्लास विधि-विधान से सम्पन्न हुई। इसी के अंतर्गत नौ-नौ दिवसीय भी  चार साधना सत्र Online के माध्यम से संपन्न हुये जिसमें जुड़कर सेंकड़ो साधको, विशेष नन्हे मुन्ने बच्चों व किशोरों की विशेष भागीदारी रही। 

सराहनीय सूचना समाचार है कि विश्वस्तरीय  साधना अनुष्ठान में अब तक 5000 से अधिक साधक पंजीकृत हो चुके हैं और यह संख्या निरंतर बढ़ रही है। भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका, यूके आदि कई देशों से साधकों की सक्रिय भागीदारी समर्पित की है। इस अनुष्ठान में नन्हे बच्चे भी पूरे  श्रद्धा समर्पण  की है, बच्चो ने गायत्री मंत्र लेखन, ध्यान, स्वाध्याय, प्राणायाम और  साधनात्मक  दिनचर्या का पालन किया।

बच्चों ने अनुष्ठान दौरान बाजार की बनी चीजों का सेवन नहीं कर, संयम का पालन किया , बच्चों में साधनात्मक रुचि जाग्रत करने हेतु  Zoom  और  Youtube   और व्हाट्सएप के माध्यम से विशेष सत्र संचालित आयोजित किये हैं, नौ-नौ दिवसीय अनुष्ठान के अंतर्गत  बच्चो ने प्रतिदिन तीन पृष्ठ गायत्री मंत्र लेखन  नादयोग स्वाध्याय, चन्द्र ध्यान म् पूरी रुचि से भाग लिया।

गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुसार, यह अनुष्ठान 2026 की महापूर्णाहुति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।गुरुसत्ता के सूक्ष्म संरक्षण में यह अभियान उत्तरोत्तर प्रगतिशील है,जिसमे छोटी आयु के किशोर ओर बच्चो म् साधना स्वाध्याय के प्रति रुझान बढ़ रहा है।

इस साधना को सफल बनाने में रीना दीदी, सत्यजीत सुमन, श्रीमती शांति सिंह, वंदना साहू, ज्योति सिंह, अर्चना उपाध्याय, प्रभा देवी, तारकेश्वर शर्मा, डॉ. दिव्यप्रभा चौहान, भारती बेन जोशी, दुर्गा जोशी, मोनिका सिंह, प्रीति श्री, शशि साई और मनीषा श्रीवास्तव जैसे समर्पित परिजनों का विशेष सहयोग रहा है। इन्होंने स्कूलों के बच्चों को नियमित रूप से साधना से जोड़ा, और अब इन स्कूलों में नियमित बाल संस्कार शालाएं संचालित की जाएँगी।

नवयुग सृजन साधना का संकल्प है कि जिन बच्चों ने स्कूलों से जुड़कर यह साधना संपन्न की है, उन्हीं के माध्यम से अब बाल संस्कार शालाएं आयोजित की जाएंगी और उन्हें नियमित रूप से चलाया जाएगा, जिससे नन्हे साधकों को संस्कारित व परिष्कृत जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा मिलेगी। उक्त जानकारी रेखा पटवा, अन्तरराष्ट्रीय आनलाइन गायत्री परिवार जप-अनुष्ठान समूह  प्रतिनिधि, 
जय नारायण प्रसाद गायत्री परिवार ने दी।

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