हुसैनाबाद, पलामू (नवनीत)। हुसैनाबाद का मुरली पहाड़ी का प्राकृतिक छटा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। प्राकृतिक दृश्य के अलावा आध्यात्मिक का भी केंद्र है यह स्थल। काफी संख्या में लोग पहाड़ी के ऊपर महाकालेश्वर मंदिर में पहुंचकर माथा टेक नव वर्ष की शुरुआत करते हैं। साथ-साथ प्राकृतिक छटा का आनंद उठाते हैं। अनुमंडल मुख्यालय से तकरीबन तीन किमी दूर जपला-हरिहरगंज पथ के लंगरकोट गांव के समीप इस पहाड़ी के ऊपर महाकालेश्वर धाम में साल में श्रावण माह व शिवरात्रि के अवसर पर भव्य मेला का भी आयोजन होता है। जहां श्रद्धालु उपस्थित होकर पूजा पाठ करते है। वर्ष की शुरुआत में काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं। घाघरा गांव से सटे कुंड बांध का नजारा देखने योग्य होता है। तकरीबन 40 फिट की उच्चाई से गिरता पानी का दृश्य अवलोकनीय होता है। यह स्थान हुसैनाबाद प्रखंड मुख्यालय से तकरीबन 10 किमी दक्षिण में स्थित है। चारो ओर से पहाड़ की वादियों का मनुहारी दृश्य बार-बार घूमने को आमंत्रित करता है। यहां अन्य दिनों के अलावा एक जनवरी को काफी संख्या में पिकनिक मनाने लोग पहुंचते हैं। पिकनिक के साथ चारो ओर से घिरे प्राकृतिक दृश्य का आनंद उठाते हैं। वैसे तो अनुमंडल क्षेत्र में काशिसोत डेम, भीमचुल्हा, भीम बराज, भीमचुल्हा पार्क, कररबार नदी तट समेत दर्जनों पिकनिक स्पॉट हैं। सोन नदी का देवरी व दंगवार का तट भी पिकनिक मनाने वालो का मनपसंद स्पॉट माना जाता है। सोन नदी में स्नान, सूर्यमन्दिर परिसर में पूजा के साथ नौकायान का लुत्फ उठाते हैं। झारखण्ड-बिहार के सीमावर्ती दंगवार में सोन व कररबार नदी का संगम स्थल का नजारा भी देखने योग्य होता है। उक्त स्थल से बालू का डीला, काशिवन, रोहतास मन्दिर का दृश्य, बंजारी की फैक्टरी क्षेत्रों को अवलोकन पिकनिक के आनंद में चार चांद लगा देता है।