टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग को आखिरकार नया अध्यक्ष मिल गया है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते जेपीएससी के नये अध्यक्ष होंगे। राज्य सरकार के प्रस्ताव पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इसकी मंजूरी प्रदान कर दी है।
राज्यपाल ने आशा व्यक्त की है कि अध्यक्ष के मनोनयन से राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी और आयोग द्वारा सभी परीक्षाओं का संचालन निर्धारित कैलेंडर के अनुरूप समयबद्ध और सुचारू रूप से हो सकेगा। इसके साथ ही आयोग की कार्य प्रणाली में गति एवं पारदर्शिता आयेगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात की। इसके बाद जेपीएससी के नये अध्यक्ष के रूप में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल खियांग्ते के नाम पर मंजूरी प्रदान की गयी।
जेपीएससी अध्यक्ष का पद 22 अगस्त 2024 से खाली है। तत्कालीन अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा का कार्यकाल खत्म होने के बाद से करीब 6 महीने से झारखंड लोक सेवा आयोग में ना तो कोई अध्यक्ष का मनोनीत किया गया और न ही किसी सदस्य को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया।
इधर, आयोग में अध्यक्ष के नहीं रहने से जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा सहित आधा दर्जन से अधिक परीक्षा लटका हुआ है। जाहिर तौर पर नये अध्यक्ष के आ जाने के बाद लंबित परीक्षाओं के रिजल्ट प्रकाशन में तेजी आयेगी जिससे हजारों युवाओं को नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।
सबसे ज्यादा जिस परीक्षा को लेकर छात्र आंदोलनरत थे वो था 11 से 13वीं सिविल सेवा का मुख्य परीक्षा जो पिछले साल 22 से 24 जून तक हुआ था। 342 पदों पर इस परीक्षा के माध्यम से नियुक्ति होनी है इसके लिए जेपीएससी ने पीटी का रिजल्ट 22 अप्रैल 2024 को जारी किया था।
इसमें 7011 अभ्यर्थी सफल हुए। आयोग ने मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी करने की घोषणा भी कर दी थी मगर आयोग के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बाद इस पर ग्रहण लग गया। ऐसे में रिजल्ट की आस लगाए हजारों छात्र जेपीएससी चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर लगातार आंदोलन पर उतारू थे।