सिरमटोली केंद्रीय सरना स्थल को बचाने के लिए आदिवासी संगठनों का महाआक्रोश बैठक
सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर निर्माण के विरोध में आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री और नितिन गडकरी का जलाया पुतला
मुख्यमंत्री आवास से बिरसा चौक तक 25 फरवरी को मानव श्रंखला कर करेंगे विरोध
सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
टीम एबीएन, रांची। सिरमटोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के मुख्य द्वार के सामने फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है। फ्लाईओवर निर्माण से सरना स्थल का मुख्य प्रवेश द्वार लगभग ढंक जा रहा है। सरना स्थल आदिवासी समुदाय की आस्था पूजा स्थल है। फ्लाईओवर निर्माण के नाम पर सरना स्थल को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
इसके विरोध में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों के द्वारा निर्माण कार्य के शुरुआती समय से ही सरकार, प्रशासन और निर्माण कार्य कर रही एलएनटी कंपनी से मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर से ब्रिज को जयपाल सिंह मुंडा चौक तक या सरना स्थल के चहारदिवारी की शुरुआत तक में ही ब्रिज को डाउन कर दिया जाये का गुहार लगते आ रहे हैं। किंतु फ्लाईओवर निर्माण कार कर रही कंपनी को आदिवासियों के धर्म और आस्था से किसी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है।
फ्लाईओवर निर्माण कार्य के मानसिकता के विरोध में पिछले कईएक महीनों से समाज के धार्मिक सामाजिक अगुवा लोगों के द्वारा सरना स्थल में बैठक की जा रही है। शनिवार को इसी कड़ी में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सरना स्थल बचाने को लेकर महाआक्रोश बैठक का आयोजन किया।
बैठक में सोनू खलखो, बिरसा उरांव, पवन तिर्की, गीताश्री उरांव, निरंजना हेरेज टोपो, संगीता कछाप, आकाश तिर्की, आकश बैक, संदीप उरांव, रवि मुंडा, सुशीला कछाप, अजय तिर्की, नारायण उरांव, प्रवीण टोप्पो, संजय तिर्की, प्रवीण कच्छप, पवन, चंपा कुजूर, झरी लिंडा, सुशिल उरांव, संगीता उरांव, सुशीला उरांव, आकाश तिर्की, रवि मुंडा, कुमदनी प्रभावती, विजय उरांव, रवि खलखो इत्यादि हजारों लोग मौजूद थे।
इस दौरान सरना प्रार्थना सभा रांची महानगर के सचिव सोनू खलखो ने कहा सरना स्थल हम आदिवासियों का आस्था का स्थल है। यहां पर प्रत्येक वर्ष सरहुल पर्व के समय राज्य भर से लाखों लोग पूजा करने पहुंचते हैं। फ्लाईओवर निर्माण कार्य कर रही कंपनी की मानसिकता से पता चलता है कि हमारी पूजा पद्ध्ति, आस्था को यह खत्म करने की साजिश कर रहा है जो हम आदिवासी समाज के लोग होने नहीं देंगे।
मौके पर मौजूद पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा किसी भी सूरत में अब सरना स्थल के सामने फ्लाईओवर निर्माण का कार्य नहीं होने देंगे। आज हमलोगों ने फ्लाईओवर के ऊपर झंडागड़ी करने का काम किया है। और एक सप्ताह के अन्दर अगर सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो समाज खुद निर्णय लेने पर बाध्य होगा।
आक्रोशित आदिवासी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री का जलाया पुतला
सरना स्थल के सामने फ्लाईओवर निर्माण कार्य से नाराज आदिवासी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाकर विरोध जताया। कहा कि दुर्भाग्य है कि अबुआ सरकार आदिवासियों की अस्मिता को षडयंत्र के तहत समाप्त किया जा रहा है और मुख्यमंत्री हाथ पर हाथ रखे तमाशा देख रहे हैं।
ब्रिज पर की झंडागड़ी
महाआक्रोश बैठक में राज्य भर से पहुंचे हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने ब्रिज के ऊपर आदिवासी रुढ़िवादी परंपरा के तहत झंडागड़ी की। निर्माण कार्य कर रही कंपनी को सीधे तौर पर यह चेतावनी दी कि अगर बिना निर्णय आये एक इंच भी कार्य किया तो परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री आवास से बिरसा चौक तक 25 फरवरी को मानव श्रृंखला कर करेंगे विरोध
24 फरवरी से बजट सत्र का शुरुआत होगी। इसी कड़ी में 25 फरवरी को हजारों की जनसंख्या में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों के महिला-पुरुष के द्वारा मुख्यमंत्री आवास कांके रोड से बिरसा चौक तक मानव श्रृंखला बनाकर मुख्यमंत्री से सरना स्थल बचाने का अनुरोध किया जायेगा। इसी दिन एक प्रतिनिधिमंडल रांची उपायुक्त से मुलाकत भी करेगी। महाआक्रोश बैठक की अध्यक्षता पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने की और संचालन राहुल तिर्की ने किया।