- राज्यस्तरीय चक्का जाम झारखंड बंदी का घोषणा के दबाव से जैक ने हिंदी व विज्ञान परीक्षा को किया रद्द : देवेंद्रनाथ महतो
- पेपर लीक मामला से झारखंड राज्य कलंकित हुआ है शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और जैक अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा इस्तीफा दे : देवेंद्रनाथ महतो
- पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई से जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई किया जाये : देवेन्द्र नाथ महतो
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पेपर लीक का मामला थम ही नहीं रहा है, जैक द्वारा 10 वीं और 12वीं परीक्षा चल रहा है। जैक 10वीं का 18 फरवरी 2025 को प्रथम पाली में हिंदी तथा 20 फरवरी 2025 को विज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया था जिसका पेपर लीक परीक्षा से पूर्व ही हो गया, जिसका ठोस सबूत जेएलकेएम आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो ने जैक सचिव जयंत मिश्रा को सौंपा था।
देवेन्द्र नाथ महतो द्वारा सौंपा गया सबूत सही पाया गया। उसके बाद देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में जैक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करते हुए हिंदी व विज्ञान परीक्षा रद्द करके उच्च स्तरीय जांच करते हुए दोषी अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का मांग किया गया। कुछ ही देर बाद जैक ने आफिशियल वेबसाइट पर अधिकारिक नोटिस जारी करते हुए हिंदी व विज्ञान परीक्षा को रद्द करने का घोषणा कर दिया है।
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि राज्यस्तरीय चक्का जाम और झारखंड बंदी घोषणा के दबाव से जैक ने 10 वीं हिंदी व विज्ञान परीक्षा को रद्द किया है क्योंकि जैक सचिव जयंत मिश्रा जी को पेपर लीक का जब ठोस सबूत सौंपा था तो स्वीकार करने से इनकार किया था।
मौके पर उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान झारखंड सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है पेपर लीक का मामला तो मजाक बन कर रह गया है, इससे पूर्व के इतिहास में पहली बार 31 जनवरी 2024 को जेएसएससी कार्यालय के समक्ष पेपर लीक मामला आंदोलन के परिणाम से सीजीएल परीक्षा रद्द हुआ था। और दूसरा दिन आंदोलन के दौरान जैक ने परीक्षा को रद्द किया।
देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी कहा कि पेपर लीक होने का साबित हो गया है तो अब पेपर लीक प्रकरण मामला का जांच उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच ऐजेंसी सीबीआई से जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई किया जाय। यह राज्य का बहुत बड़ा दुर्भाग्य है कि जिस परीक्षा में साढ़े सात लाख छात्र शामिल हो रहें हैं जो प्रश्न पत्र उपायुक्त के अंदर ट्रेजरी में शिल्ड रहता है उसके बावजूद आखिर कैसे परीक्षा के तीन दिन पहले बाहर निकाला।
देवेन्द्र नाथ महतो ने यह भी मांग किया कि पेपर लीक का मामला झारखंड राज्य को कलंकित करने वाली घटना है नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन और जैक अध्यक्ष डॉ नटवा हांसदा को इस्तीफा देना चाहिए। जैक कार्यालय के समक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के साथ चंदन कुमार, खगेन, सुखदेव, लालमोहन, रविन्द्र, अभिषेक, पंकज, हरेन, प्रकाश के अलावा अन्य लोगों का अहम योगदान रहा।