प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र का कराया गया भ्रमण
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से आज समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिला ग्रामीण विकास शाखा के निदेशक रतन कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना पर आयोजित कार्यशाला में मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड के सहायक अभियंता, मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक ने भाग लिया।
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र के दिलीप कुमार पाण्डेय, जेएसएलपीएस की डीपीएम आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बिरसा हरित ग्राम योजना के लिए लाभुक एवं योजना स्थल का चयन करने की जानकारी दी। बताया गया कि जिस टांड़ जमीन पर लाभुक कुलथी, उरद आदि लगाते हैं, वैसे स्थल को योजना के लिए चयन किया जा सकता है। इसके लिए 100 मीटर की दूरी पर कूप, तालाब आदि सिंचाई की सुविधा होना आवश्यक है।
लाभुक वर्ग में SC, ST, PTG, FRA, Marginal Semi marginal, आवास के लाभुक आदि हो सकते हैं। कम से कम 25 डिसमिल तथा अधिकतम 1.0 एकड़ का क्षेत्रफल रखा जा सकता है। योजना के लिए लाभुक एवं स्थल के चयन उपरांत आम्रपाली एवं मल्लिका प्रजाति के आम, अमरूद में इलाहाबाद सफेदा एवं लखनऊ 49 साथ ही नई प्रभेद ताइवान पिंक प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं कागजी नींबू तथा संतरा एवं मौसमी के पौधे भी लगाए जाएंगे।
प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सभी प्रशिक्षणार्थियों को वैज्ञानिक द्वारा आम, अमरूद एवं नींबू तथा संतरा के पौधा में canopy management एवं गुटी बनाने की विधि बताई गई। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को अमरूद के ताइवान पिंक प्रभेद का रिसर्च प्लॉट भी दिखाया गया।
प्रशिक्षणार्थी को ताइवान पिंक प्रभेद खिलाकर taste कराया गया। प्रशिक्षणार्थी द्वारा उत्सुकता से ताइवान पिंक प्रभेद लगने के लिए स्थल चिन्हित करने की इच्छा जाहिर की गई। प्रशिक्षणार्थी के रूप में Fellow, PRADAN के लंकेश कुमार, विकास सहयोग केंद्र के जवाहर मेहता आदि थे।