झारखंड
बेरमो : विस्थापितों ने किया विशाल घेराव प्रदर्शन और बेमियादी आमरण अनशन
ABN Bureau
•
28 Dec, 2021
•
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बेरमो/ललपनिया। गोमिया प्रखंड के कोनार डैम विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय संघर्ष समिति ने कोनार डैम के दामोदर घाटी निगम के प्रशासनिक भवन के समक्ष विशाल प्रदर्शन घेराव एवं बेमियादी आमरण अनशन कार्यक्रम केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल के नेतृत्व में आयोजित किया। इधर, केंद्रीय अध्यक्ष दिनेश्वर मंडल नेकहा विस्थापितों की नियोजन नीति एकतरफा बनाकर वर्षों से विस्थापन के मुंह पर तमाचा मारने का कार्य किया जा रहा है और प्रबंधन तानाशाही व मन मालिक करते हुए झूठे आश्वासन को देकर विस्थापितों को ठग रहा है। झारखंड के मैथन, पंचैत बोकारो थर्मल,चंद्रपुरा, तिलैया एवं कोनार डैम जैसे जगह पर डीवीसी रास्तों की रैयत जमीन अधिग्रहण करके नियोजन के नाम पर मनमानी कर रही है, अपने हक अधिकार के लिए आंदोलन करने वाले नेताओं व विस्थापितों पर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लाठी, गोली एवं झूठे केस में फंसा करके शोषण करने का कार्य प्रबंधन करती रही है। प्रबंधन जिन रैयतों की जमीन पर वर्षों से मनमानी करते हुए आसमान में उड़ रही है, उसे धरती पर लाने के लिए हमें डीवीसी प्रतिष्ठानों के विस्थापितएकता बाध्य हो करके आरपार की लड़ाई लड़ने की जरूरत है, क्योंकि हजारों हजार विस्थापितों की वर्तमानमें स्थिति दयनीय है और आज विस्थापित परिवार के नई पीढ़ी आज सड़कों पर भीख मांगने,कोयला चोरी करनेको विवश हैं। घनश्याम महतो ने कहा, डीवीसी प्रबंधन विस्थापितों की जमीन जरूरत से अधिक अधिग्रहण कर अधिनियमओं का उल्लंघन करते हुए अतिक्रमण बड़े पैमाने पर प्रबंधन की मिली भगतसे किया गया। प्रबंधन अपने स्थाई कर्मचारियों एवं अतिक्रमणकारियों को मिला कर लगभग 200 मेगावाट बिजली मुफ्त में देती है। पानी कॉलोनीवासियों सहित अतिक्रमणकारी नदी की तरह व्यर्थ मैं बहाने का काम किया जा रहा है, बिजली पानी पर मैं प्रबंधन गंभीरता से ध्यान देती तो प्रतिदिन प्रबंधन को तमाम प्रतिष्ठानों से लगभग 3 करोड़ रुपया का लाभ होता है परंतु प्रबंधन किसी तरहसे ध्यान नहीं दे रही है। जब कभी विस्थापित अपने हक अधिकार की लड़ाई लड़ते हैं व प्रबंधन सेबात करते हैं तो कहाजाता है कि वर्तमान में डीवीसी की आर्थिक स्थिति दयनीय है, अभी नौकरी मुआवजा संभव नहीं है और डीवीसी मुख्यालय में बैठे प्रबंधनका निकालकर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी मोटी रकम लेकर प्रति वर्ष नियोजन करते हैं। मौके पर रामदेव कुमार, सूरज कुमार अंबेडकर दौलत रविदास, चेतलाल रविदास, विजय रविदास, छोटू केसरी, नागेश्वर महतो, पंकज केसरी, मोहनलाल वियोगी दुलू महतो, कामेश्वर महतो, शेखर कुमार, संतोष केसरी, हुलासचंद्र महतो, अनिल महतो, निर्मल रजक, रामू पांडे, कालेश्वर महतो, छोटे लाल बेसरा, रंजीत मंडल, लक्ष्मण महतो, गंगाधर महतो, त्रिभुवन मरांडी, कुंजलाल महतो, सोहनलाल महतो, रोहित साल, सुरेंद्र गंझु, लक्ष्मण महतो, अरविंद मरांडी, मुकेश कुमार महतो एवं सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं पुरुष उपस्थित थे।
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