- हिंडालको कंट्री हेड माइंस ने इस जन-जन का बजट बताया
टीम एबीएन, लोहरदगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा एक फरवरी को लोकसभा में रखे गए बजट से विकसित भारत के निर्माण के संकल्प पूरे होंगे। यह बजट जन-जन का बजट है। इससे उद्योग- धंधों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य को बल मिलेगा। उक्त बातें हिंदुस्तान से बात करते हुए देश के बड़े औद्योगिक घराने बिरला समूह हिंडालको के कंट्री हेड(माइंस) बिजेश कुमार झा ने कही।
उन्होंने कहा कि यह बजट मिडिल क्लास की उम्मीदों का बजट आ गया है। मध्य और नौकरी पेशा वर्ग के लिए बजट से उन्हें सबसे बड़ी राहत मिली है। व्यक्ति की हर साल की 12 लाख की कमाई टैक्स मुक्त कर दिया गया है। यानी हर महीने आपकी एक लाख की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देगा पड़ेगा।
वित्त मंत्री लैंथेनाइड ग्रुप माइंस पर विशेष जोर दिया गया है। आधारभूत संरचना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को काफी सहूलियत दी गई है। इससे देश में तीव्र गति का विकास होगा। लॉजिस्टिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रावधान किया गया है। इससे रेलवे और अन्य ट्रांसपोर्टिंग क्षेत्र में माल ढुलाई को गति मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट विकसित भारत के लिए आधार बनेगा। भारत सरकार ने 30 खनिजों को क्रिटिकल माइंस घोषित किया है। इसे रणनीतिक खनिज भी कहा जाता है।
एंटीमोनी, बेरिलियम, बिस्मथ, कोबाल्ट, कॉपर, गैलियम, जर्मेनियम, ग्रेफ़ाइट, हाफ़नियम, इंडियम, इनके अलावा, लिथियम, मोलीबडेनम, नायोबियम, निकल, पीजीई, फ़ॉस्फ़ोरस, आरईई, रेनियम, सिलिकॉन, स्ट्रॉन्टियम, टैंटालम, टेलुरियम, टिन, टाइटेनियम, वानाडियम, ज़िरकोनियम, सेलेनियम, और कैडमियम भी क्रिटिकल माइंस में शामिल हैं। इससे बैटरी संचालित बाइक, कार, मोबाइल, सोलर एनर्जी सस्ते होंगे।
अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा के क्षेत्र में इसका लाभ देश के 140 करोड लोगों को मिलेगा। इन खनिजों का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इलेक्ट्रिक वाहन, और बैटरी उद्योग, अक्षय ऊर्जा, सेमिकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा यह हमें विकसित भारत बनाने में सर्वाधिक योगदान करेगा।