Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
झारखंड

गणतंत्र दिवस भारतीय संप्रभुता और शहीदों की शहादत का प्रतीक : संजय सर्राफ

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
गणतंत्र दिवस भारतीय संप्रभुता और शहीदों की शहादत का प्रतीक : संजय सर्राफ
विज्ञापन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत में 26 जनवरी का दिन हर वर्ष विशेष महत्व रखता है। यह दिन भारतीय गणराज्य की स्थापनाओं और संप्रभुता की अद्वितीय पहचान को उजागर करता है। 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, जिसके साथ ही भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। 

यह दिन भारतीय नागरिकों के लिए न केवल कानून और न्याय का सम्मान है, बल्कि हमारे वीर शहीदों की शहादत को भी याद करने का दिन है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता और सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। गणतंत्र दिवस का इतिहास 1930 से जुड़ा हुआ है, जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 26 जनवरी को पूर्ण स्वतंत्रता का दिवस घोषित किया था। 

उस समय भारतीयों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष तेज किया था और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायक देशवासियों को इस दिन स्वतंत्रता की ओर अग्रसर होने का आह्वान कर रहे थे। 15 अगस्त 1947 को भारत को स्वतंत्रता मिली, लेकिन 26 जनवरी 1950 को जब संविधान लागू हुआ, तब भारत पूर्ण रूप से एक लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया। इस दिन के महत्व को हम भारतीय संविधान के निर्माण से समझ सकते हैं। 

भारतीय संविधान, जिसे डॉ। भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में तैयार किया गया, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की नींव है। यह संविधान हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान करता है। यह संविधान ही वह दिशा और मार्गदर्शन है, जो हमारे देश की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करता है। 

गणतंत्र दिवस पर हर साल दिल्ली के राजपथ पर भव्य परेड आयोजित की जाती है, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और विभिन्न राज्य पुलिस बलों के दस्ते अपनी शक्ति और वीरता का प्रदर्शन करते हैं। साथ ही विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झांकियां देश की विविधता को प्रदर्शित करती हैं। इस दिन राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का विशेष महत्व होता है। 

लेकिन गणतंत्र दिवस का वास्तविक महत्व केवल इस दिन की घटनाओं और समारोहों में नहीं है, बल्कि यह दिन उन शहीदों के बलिदान को भी याद करने का है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी ताकि हम स्वतंत्र और शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर भारतीयों के लिए स्वतंत्रता की राह बनाई। 

उनका बलिदान हमसे यह सिखाता है कि स्वतंत्रता और गणराज्य की स्थापना केवल संघर्ष और बलिदान के माध्यम से ही संभव थी। शहीदों का योगदान हमेशा हमारे दिलों में जीवित रहेगा। गणतंत्र दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमारा देश लोकतंत्र, स्वतंत्रता, और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है। 

यह दिन हमें यह भी सिखाता है कि हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज में सहयोग और एकता की भावना बनाये रखनी चाहिए, ताकि हमारे देश की प्रतिष्ठा और समृद्धि हमेशा बरकरार रहे। 26 जनवरी का दिन भारतीय इतिहास और संस्कृति के समृद्ध पक्ष को उजागर करता है, और यह हमें हमारे शहीदों के योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 120,778