रांची। झारखंड की राजधानी रांची में आज सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे की वजह से रांची में विजिबिलिटी काफी घट गई है। 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिख रहा है। जानकारी के अनुसार एनएच पर गाड़ियां फॉगलाइट के साथ धीरे धीरे चल रही है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के पूर्वानुमान में बताया है कि 31 दिसम्बर तक पूरे राज्य में सबसे अधिक ठंड मैस्कुलीगंज में पड़ सकती है। यहां के तापमान में पांच से छह डिग्री की कमी आ सकती है। वहीं राज्य के दूसरे जिलों पलामू, चतरा, रांची, कोडरमा, रामगढ़ आदि जिलों में भी ठंड में बढ़ोतरी होगी। इन जिलों में भी रात के तापमान में कमी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 3 दिनों में झारखंड में बारिश भी होगी। इधर, रांची और इसके आसपास धुंध कुछ इस तरह छाया रहा कि सड़कों पर 20 मीटर पर भी वाहन साफ नहीं दिख रहे थे। हाईवे पर धुंध की वजह से विजिब्लिटी कम हो गई। इससे वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। वहीं, मौसम में इस परिवर्तन के बाद ठंड भी बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञ नीतीश प्रियदर्शी का कहना है कि सापेक्षिक आर्द्रता शत प्रतिशत होने पर हवा में जलवाष्प की मात्रा स्थिर हो जाती है। इससे अतिरिक्त जलवाष्प के शामिल होने से या तापमान के कम होने से संघनन शुरू हो जाता है। जलवाष्प से संघनित छोटी पानी की बूंदे वायुमंडल में कोहरे के रूप में फैल जाती हैं। जब कोहरे का धुएं के साथ मिश्रण होता है तो उसे धुंध (स्मॉग) कहते हैं। रांची में घने कोहरे की वजह रफ्तार पर भी ब्रेक लगी है। ऐसे समय में गाड़ी चलाते वक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। क्योंकि कई बार ऐसा लगता है कि कोहरा खत्म हो गया है। कोहरा खत्म होने से विजिबिलिटी बढ़ जाती है। लेकिन इस दौरान विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है क्योंकि थोड़ी दूरी पर अचानक घना कोहरा मिलने की संभावना रहती है।