रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर देश में गैर दोहरे इंजन वाली राज्य सरकारों के प्रति अलग विचार रखने का आरोप लगाया। साथ ही दावा किया कि यदि उनके राज्य ने अपने वैध बकाये की मांग शुरू कर दी तो केंद्र घुटनों पर आ जाएगा। हेमंत सोरेन ने सोमवार को अपने आवास पर चुनिंदा मीडिया से बातचीत में कहा कि 29 दिसंबर को उनकी सरकार के सत्ता में आए दो साल हो जाएंगे। वर्तमान केंद्र और राज्य संबंधों के परिदृश्य के तहत यह बिल्कुल स्वाभाविक है कि जहां कोई डबल इंजन सत्ता में नहीं होगी तो समस्याएं होगी, जबकि जहां भी डबल इंजन होगा, वे राज्य ह्यअधिक लाभकारी और घटित होंगे। उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि डबल इंजन वाली सरकार राज्यों की सत्ता में हैं या नहीं, लेकिन लोकतंत्र में कुछ चीजें हैं जिन्हें बदला नहीं जाना चाहिए, उन्होंने कहा कि केंद्र को विभिन्न राज्यों को अलग तरह से नहीं देखना चाहिए। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में केंद्रीय एजेंसियां और एनटीपीसी, डीवीसी और कोल इंडिया जैसे सार्वजनिक उपक्रम ज्यादातर काम कर रहे हैं, इसलिए जाहिर है कि केंद्र से राज्य की और मांगें होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उनका समाधान एक साथ खोजना होगा, जिसमें राज्य सरकार निष्पादन निकाय की भूमिका निभा सकती है।