- जेएसजेयु कोर कमेटी ने होटल पार्क प्राइम में बैठक कर एनयुजे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष को सम्मानित किया
- फरवरी में राजस्थान के माउंट आबू में होने वाले राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल
टीम एबीएन, रांची। नेशनल यूनियन का जर्नलिस्ट (इंडिया) के झारखंड से निर्विरोध दोबारा निर्वाचित होने वाले हिंदुस्तान लोहरदगा के ब्यूरो चीफ दीपक कुमार मुखर्जी का झारखंड जर्नलिस्ट यूनियन जेएसजेयु की ओर से सम्मानित किया गया। इसके अलावा फरवरी माह में राजस्थान के माउंट आबू में होने वाले राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक को लेकर चर्चा की गयी।
रांची के मोरहाबादी स्थित होटल पार्क प्राइम में जेएसजेयु कोर कमेटी की बैठक में उन्हें मोमेंटो, शॉल, और गुलदस्ता देकर कोर कमेटी के सदस्यों और प्रदेश अध्यक्ष बलदेव प्रसाद शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी दिव्य ज्ञान, महासचिव एनके मुरलीधर, झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार राजीव कुकरेजा, कोषाध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा, झारखंड ओपन यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक और जर्नलिस्ट शशि भूषण कुमार, एमिटी यूनिवर्सिटी जर्नलिज्म फैकल्टी के सुमित कुमार रोहित आदि ने सम्मानित किया।
मौके पर बलदेव प्रसाद शर्मा ने कहा कि यह हम सबों के लिए गर्व का विषय है, कि झारखंड से दीपक मुखर्जी लगातार दूसरी बार वरीय उपाध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। झारखंड, बिहार, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, बंगाल आदि राज्यों में संगठन को सशक्त बनाने का काम सभी मिलजुल कर करेंगे। एनयुजे राष्ट्रवादी पत्रकारों का संगठन है, जो बिना भेदभाव के पत्रकारों की हितों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती है। उन्हें न्याय के साथ उनका हक अधिकार दिलवाने का काम करती है। इस बार संगठन के अध्यक्ष के रूप में भोपाल के सुरेश शर्मा और राष्ट्रीय महासचिव के रूप में उत्तर प्रदेश के अयोध्या से त्रियुग नारायण तिवारी चुने गये हैं।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष स्वामी दिव्य ज्ञान ने कहा कि हम सभी को राज्य के तमाम जिलों में संगठन को सशक्त बनाना होगा। कार्यक्रम कर विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से संपर्क कर जनसरोकार की पत्रकारिता को धारदार बनाना होगा। पत्रकारिता समाज और व्यवस्था के बीच कड़ी के रूप में काम करता रहा है। संगठन सदैव निष्पक्ष, निर्भीक, ईमानदार और साहसिक पत्रकारिता के लिए संगठन सभी के साथ खड़े हैं।
महासचिव नंदकिशोर मुरलीधर ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर देश के बड़े शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना हो रही है। इन संस्थानों में पत्रकारिता फैकेल्टी की स्थापना की गयी है। ऐसे में राज्य में पत्रकारिता के सुनहरा भविष्य नजर आ रहे हैं। कोरोना के समय अखबारों का जो प्रसार पर असर पड़ा था। अब उसका सुप्रभाव दिख रहा है। प्रसार कोरोना का पहले जैसा हो गया। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच अखबारों का बढ़ना शुभ संकेत है। यह राज्य के हजारों पत्रकारों की निष्पक्षता और तथ्यात्मक रपट को मान्यता देती है।