टीम एबीएन, गुमला/ रांची। इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर टीचर एजुकेशन, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी द्वारा 9 एवं 10 जनवरी 2025 को विजन 2047 के अनुसार उच्च शिक्षा में मूल्यांकन दृष्टिकोण में परिवर्तन विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जा रही है।
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में रांची विश्वविद्यालय रांची का अंगीभूत महाविद्यालय कार्तिक उरांव महाविद्यालय, गुमला शिक्षा संकाय के सहायक आचार्य डॉ दीपक प्रसाद को अपना व्याख्यान प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया है। डॉ दीपक इस संगोष्ठी में उच्च शिक्षा में मूल्यांकन की पारंपरिक पद्धतियों को बदलने और भविष्य की शिक्षा प्रणाली में नवाचारों को शामिल करने की आवश्यकता पर अपने विचार साझा करेंगे।
उनका व्याख्यान विजन 2047 के तहत शिक्षा में बदलाव के महत्व पर केंद्रित होगा। यह राष्ट्रीय संगोष्ठी देशभर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को एक मंच प्रदान करेगी, जहां वे उच्च शिक्षा के मूल्यांकन दृष्टिकोण में सुधार और नवीन उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।
डॉ प्रसाद का चयन उनके शैक्षणिक अनुभव और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए किया गया है। डॉ दीपक पिछले 25 वर्षों से रंगकर्म क्षेत्र से जुड़े हैं। साथ ही साथ उनका शिक्षा के प्रति योगदान लेखक एवं चिंतक के रूप में भी होता है। यह न केवल गुमला जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उनके शिक्षण संस्थान के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।