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झारखंड

विप्र फाउंडेशन के संस्थापक व संयोजक सुशील ओझा के रांची आगमन पर भव्य स्वागत अभिनंदन

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विप्र फाउंडेशन के संस्थापक व संयोजक सुशील ओझा के रांची आगमन पर भव्य स्वागत अभिनंदन
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  • होटल लैंडमार्क में 2 बजे विप्र बंधुओं को किया संबोधन
  • बैठक में पूरे झारखंड से विप्र पदाधिकारी हुए शामिल
  • विप्र समाज शिक्षा, रोजगार और संस्कार को बढ़ावा देगा : सुशील ओझा

टीम एबीएन, रांची। विप्र फाउंडेशन झारखंड इकाई की संगठनात्मक बैठक का आयोजन दिनांक 05 जनवरी 2025 दिन रविवार को होटल लैंडमार्क में हुआ। कार्यक्रम में विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक भाई सुशील ओझा (कलकत्ता) का दोपहर 1:00 बजे रांची एयरपोर्ट पर भाई श्री सुशील जी ओझा का आगमन हुआ।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत, अभिनंदन किया। इस अवसर पर दोपहर 1:30 बजे विप्र फाउंडेसन कार्यकारिणी की निर्धारित बैठक में हिस्सा लेकर विप्र फाउंडेशन के क्रियाकलापों की विस्तृत चर्चा की गयी। झारखंड में भी विप्र फाउंडेशन के सामाजिक कार्यों की चर्चा की गयी।

इस अवसर पर विप्रो फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा को झारखंड जोन 6 की ओर से अध्यक्ष सी ए जे पी शर्मा ने पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र देकर अभिनंदन स्वागत किया। श्री ओझा ने विप्र फाउंडेशन द्वारा वर्तमान समय में जयपुर सहित कई राज्यों में हो रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी।

उन्होंने बताया अरुणाचल प्रदेश जिला लोहित जिले में लोहित नदी के तपोवस्तलि की परशुराम कुंड महातीर्थ पर भगवान श्री परशुराम जी के पंच धातु के 51 फीट ऊंची प्रतिभा लगाने की जिम्मेवारी वहां के सरकार के साथ मिली है। उन्होंने समाज हित में शिक्षा, रोजगार और संस्कार को बढ़ावा देने पर बल दिया।

प्राथमिकता के तौर पर बच्चों की पढ़ाई के लिए ई-लर्निंग सेंटर बनाने का भी शुभारंभ करने का रांची में भी उन्होंने प्रस्ताव रखा जिसे मारवाड़ी ब्राह्मण सभा के सहयोग से प्रारंभ करने का लाभ रांची के युवा बच्चों को अवसर प्रदान होगा। ई-लर्निंग सेंटर युवाओं के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा प्रकल्प है। यह कार्य को करने का बीड़ा निः शुल्क लिया गया है। श्री ओझा ने बताया संगठन का विस्तार झारखंड में किया जायेगा।

विप्र लाभ योजना हर जिले में किस तरह पहुंचे इस पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि जयपुर में 7000 स्क्वायर फीट पर परशुराम ज्ञानपीठ का खोला जा रहा है जो शिक्षा का अलग-अलग दीप जलायेगा। यह एक कोचिंग सेंटर रहेगा जिसमें विप्र के अलावा अन्य विद्यार्थियों को भी यहां शिक्षित किया जायेगा।

विवाह और संस्कार अपने ब्राह्मण समाज के 17 गोत्रों में ही करें, जिससे समाज के आने वाली पीढ़ी अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर सके। राज्य सरकार से वार्ताकर झारखंड के टांगीनाथ धाम का विकास सरकार और वहां के लोकल बनवासी मूलवासी आदिवासियों के साथ मिलकर पूरा किया जायेगा।

इस अवसर पर सभा का संचालन अमित मनी  शर्मा ने धन्यवाद प्रदेश महामंत्री प्रदीप शर्मा ने किया। इस अवसर पर संस्थापक संयोजक ओझा जी को झारखंड जोन 6 की ओर से बिरसा मुंडा का स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। सायं 6:30 बजे सर्व समाज के प्रबुद्ध जनों के संग विचार संगोष्ठी पर चर्चा की गयी।

विप्र झारखंड में सामाजिक कार्यों में किस तरह अपनी सहभागिता करे इस पर चर्चा की गयी। बैठक में मुख्य रूप से पूरे झारखंड के देवघर, दुमका, बोकारो, धनबाद, टाटा, चाईबासा, चक्रधरपुर, सिमडेगा, गुमला, डाल्टनगंज, रामगढ़, हजारीबाग से भी जिला इकाई के पदाधिकारीगण शामिल हुए।

मौके पर अध्यक्ष जयप्रकाश शर्मा, संगठन मंत्री अजय दाधीच, उपाध्यक्ष निरंजन शर्मा, शशांक भारद्वाज, अमित शर्मा, प्रदीप शर्मा, पवन शर्मा, पुरुषोत्तम शर्मा, प्रमोद सारस्वत, मनोज शर्मा, अनिल शर्मा, महेश शर्मा, रामावतार शर्मा, अमित शर्मा, आनंद शर्मा, विश्वनाथ  शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, कृष्ण शर्मा, अशोक पुरोहित, चेतन शर्मा, श्याम लाल शर्मा सहित काफी संख्या में सदस्य मौजूद थे। 

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