कोडरमा। आउटसोर्स कंपनी द्वारा सदर अस्पताल में स्थानीय युवाओं को तृतीय और चतुर्थवर्गीय पदों पर नहीं रखकर मोटी रकम लेकर सरकार के गाईड लाईन के खिलाफ बाहरीओं को बहाल किया जा रहा हैं। जनता के पैसे से खरीदी गई अलट्रासाउण्ड, डिजीटल मशीन सह अनेकों मशीन खरीदी गई पर आज तक उसे चालू नहीं किया गया। जिला अस्पताल सहितजिला के प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना में भारी अनियमितताएं व्याप्त है, आम लोगों को सुविधा नहीं मिल पा रही हैं। पुरी योजनाओं में लूट मची हैं। अस्पताल प्रबंधन आयुष्मान के लाभार्थी को घोषित लाभ नही देकर बंदरबांट कर रही हैं। मरीजों की जांच, खाना दवा आदि पर खर्च अपने से करना पड़ रहा है। पर कोई देखने वाले नहीं है। जिला प्रशासन भी अपनी पीठ थपथपाने में ही लगी है। उल्टे वर्तमान में सुधार के नाम पर उपलब्ध सुविधा भी छीनी जा रही है। साधारण से साधारण लैब जांच में भी शुल्क लिया जा रहा है। सदर अस्पताल में दवाओं का घोर अभाव है। इन परिस्थितियों के खिलाफ सीपीआइएम आंदोलन के प्रथम चरण में आज 27 दिसंबर को जोरदार प्रदर्शन कर विरोध प्रकट करते हुए नारा लगाया गया कि लैब जांच में लिए जा रहे चार्ज को वापस किया जाए क्योकि गर्भवती माताओं, बन्धयाकरण के लिए आ रही महिलाओं, बीपीएल सभी से चार्ज लिया जा रहा है। आउटसोर्स कंपनी से बाहरीयों को हटाते हुए स्थानीय युवाओं को नौकरी पर रखा जाए, आउटसोर्स कर्मियों को नियमित और पूरा वेतन दिया जाए। आयुष्मान कार्ड पर अक्षरश: सुविधाएं दी जाए और रोगियों से नाजायज वसूली रोगी जाए। सदर अस्पताल में रोगियों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जाए, सहियाओं का बकाया प्रोत्साहन राशि की भुगतान करते हुए नियमित भुगतान की व्यवस्था की जाए, सदर अस्पताल में सभी तरह की दवाओं का मुहैया करवाया जाए आदि नारा लगाया जा रहा था। इस अवसर पर एक रैली जेल मोड़ से निकाल कर शहर की परिक्रमा कर सदर अस्पताल के गेट पर प्रदर्शन किया गया। जो सभा में बदल गई ।सभा कीअध्यक्षता रमेश प्रजापति ने किया। सभा को सीपीआई एम के जिला सचिव असीम सरकार रमेश प्रजापति, महेन्द्र तुरी, परमेश्वर यादव,सुरेन्द्र राम, दिनेश रवि दास, ग्यास उद्दीन, नागेश्वर दास आदि ने सम्बोधित किया। सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल सिविल सर्जन से मिलकर स्मार पत्र दिया और वार्ता की गई।