- हजारीबाग में स्टूडेंट्स पर लाठीचार्ज! प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पुलिस पर किया पथराव
टीम एबीएन, हजारीबाग। जेएसएससी सीजीएल परीक्षा परिणाम को रद्द करने के लिए आंदोलन कर रहे छात्रों पर हजारीबाग पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज किया है। वहीं उग्र छात्रों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया है।
जिसमें एक दर्जन से अधिक गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई हैं, जो गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है उसमें पुलिस की गाड़ी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी शामिल है। मंगलवार को हजारीबाग बंद को लेकर छात्रों ने जमकर बवाल काटा है। अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत छात्रों ने हजारीबाग बंद का ऐलान किया था। इस बाबत छात्रों ने एसडीओ ऑफिस को सूचना भी दी थी।
छात्रों ने शहर में जहां विभिन्न दुकानों को निशाना बनाया तो दोपहर 1:20 बजे NH-33 जाम कर दिया और लगभग 4 घंटे तक छात्रों ने एनएच को जाम रखा। इस दौरान प्रशासन के समझने के बावजूद छात्र इस बात को लेकर अड़े रहे कि परीक्षा परिणाम रद्द किया जाये। जब स्थिति बिगड़ी हुई देखी तो प्रशासन ने लाठीचार्ज करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया।
लगभग आधे घंटे तक पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया। वहीं उग्र छात्रों ने इस दौरान जमकर पथराव किया। जिसमें एक दर्जन से अधिक गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गयीं, जिसमें पुलिस की गाड़ी भी शामिल हैं। यही नहीं जाम में फंसे बस और छोटे चार पहिया गाड़ी को भी निशाना बनाया गया।
इस दौरान पुलिस ने आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया। घटनास्थल पर एसडीओ सदर अशोक कुमार, एडिशनल एसपी अमित कुमार पांच थाना के थाना प्रभारी भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। इस हंगामे को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात की गयी।
इस घटना पर हजारीबाग सदर एसडीओ अशोक कुमार ने कहा कि बहुत समझाने के बावजूद स्थिति नियंत्रण के बाहर गयी तब भीड़ को खदेड़ने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। छात्रों की ओर से भी पथराव किया गया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को उदय कुमार मेहता और बरकट्ठा के महेंद्र यादव की अगुवाई में की जा रही थी। आगे विधि-सम्मत कार्रवाई भी की जायेगी।
इस घटना की जानकारी मिलने के बाद रांची से विधानसभा सत्र से हिस्सा लेने के बाद विधायक प्रदीप प्रसाद भी भारत माता चौक पहुंचे और छात्रों को समझने की कोशिश की। लेकिन छात्र इस बात को लेकर अड़े रहे कि परीक्षा परिणाम अविलंब रद्द किया जाये। जब स्थिति अनियंत्रित हुई तब सदर विधायक प्रदीप प्रसाद की घटनास्थल से निकाल गये।
विधायक ने कहा कि छात्रों की मांग जायज है, उनके साथ अन्याय तो हुआ है और परीक्षा परिणाम रद्द भी होना चाहिए। जिस तरह से आंदोलन किया जा रहा है और सड़क जाम है यह सरासर गलत है। आने वाले दिनों में विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मामला उठाया जायेगा। इस दौरान उन्होंने अफसोस जाहिर किया और कहा कि छात्रों ने उनकी बात भी नहीं मानी।