टीम एबीएन, रांची। रातू रोड धोबी मोहल्ला निवासी स्व अशोक वर्मा की विवाहिता विनीता देवी ने अपने ननद और ननदोसी की प्रताड़ना से शिकार होकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले विनीता ने एक सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उसने अपनी आत्महत्या का जिम्मेवार ननद और ननदोसी हेमा वर्मा उर्फ रेखा, रीना वर्मा, सुबोध कुमार के द्वारा अपने ऊपर सोना चोरी का झूठा आरोप लगाने पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का उल्लेख किया।
साथ ही करीब 2 महीने से उसे सोना चोरी के आरोप में प्रताड़ित किया जा रहा था। साथ ही गलत-गलत लांक्षण लगाये जा रहे थे और गाली-गलौज कर जलील किया जा रहा था। जिससे वह मानसिक रूप से बहुत ही परेशान रहा करती थीं। अपने ऊपर लगे आरोप से वह बहुत ही आत्मग्लानि महसूस कर रही थी और झूठा आरोप लगाने से तंग आकर 6 दिसंबर को प्रात: 4 बजे अपनी छत से कूद कर आत्महत्या कर ली।
यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक साजिश थी, जिसके तहत उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और गंदी-गंदी गालियां दी जाती थीं। इन्हीं कारणों से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। वास्तव में यह आत्महत्या नहीं बल्कि एक मानसिक साजिश थी जिसके कारण तंग आकर विनीता कुमारी ने आत्महत्या कर ली। यह एक ऐसा मार्मिक घटना है जिसे जिसने भी देखा और सुना वह सन्न रह गया।
आरोपी सुबोध कुमार सरकारी नौकरी के दम पर रांची के विभिन्न थानों में पीड़िता का पोस्टमार्टम में भी अनेक अड़चन लगाये। इस संबंध में पीड़िता के परिजनों की तरफ से सुखदेव नगर थाना में एक लिखित बयान दर्ज करवाया है ताकि आरोपियों को सजा मिल सके। इस पर भी आरोपियों ने लीपापोती का प्रयास किया है। सवाल उठता है कि क्या हम एक ऐसे समाज में रहते हैं जहां इस तरह न्याय का गला घोटा जायेगा? पीड़िता के परिजनों द्वारा न्याय के लिए प्रयास किया जा रहा है।