नहीं करेंगे सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग, गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं या सामग्रियों का उपयोग
टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2024 के अवसर पर एकल उपयोग यानि सिंगल यूज वाली प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग, गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुएं या सामग्रियों का उपयोग न करने की शपथ ली गयी। 1984 की भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की याद में हर साल 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है।
इस साल राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2024 का थीम है Clean Air, Green Earth: A Step Towards Sustainable Living. यानि स्वच्छ वायु, हरित पृथ्वी: सतत जीवन की ओर एक कदम। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज रांची के चाणक्य बीएनआर होटल के सभागार में एक सेमिनार का आयोजन किया।
जिसमें जाने मने शिक्षाविद, पर्यावरण इंजीनियरिंग विशेषज्ञ, उद्योग जगत के दिग्गजों से रांची शहर के विभिन्न स्कूल जैस जौहर एकाडमी, जवाहर विद्या मंदिर श्यामली, राईन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल, केंद्रीय विद्यालय के बच्चे रु-ब-रु हुए और पर्यावरण की रक्षा करने के लिए जरूरी जानकारी प्राप्त किये।
कार्यक्रम में उपस्थित झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों के लिए हर प्रकार के प्रदूषण के बार में जागरूक होना और यह हमारे शरीर के लिए कैसे हानिकारक हो सकता है, यह जानकारी होना बहुत जरूरी है। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, शिक्षित करना और उद्योगों में प्रदूषण से सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता फैलाना है।
किसी भी प्रकार के प्रदूषण से निपटने के लिए लोगों को सुरक्षा उपायों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। राज्य में पर्यावरण नियंत्रण एक बड़ी चुनौती हैं। झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद लगातार इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ कर प्रदूषण को कम करने की ओर कार्य कर रहा है।
छात्रों ने पर्यावरण प्रदूषण के विभिन्न पहलुओं पर अपनी शंकाओं को दूर करने के लिए उपस्थित विशेषज्ञों जैसे राणा सुभाशीष चक्रवर्ती (रिटायर्ड सीजीएम मेकॉन), अरविंद कुमार (पूर्व डीन इक्फाई यूनिवर्सिटी), परेश गट्टानी (प्रेजिडेंट चेम्बर आफ कॉमर्स), डी के सक्सेना (एपीसीसीएफ फारेस्ट ), उज्ज्वल भास्कर (जी एम सेल) से सवाल-जवाब के माध्यम से स्पष्टता प्राप्त किया।
सभी विशेषज्ञ छात्रों के उत्साह और उत्सुकता को देख कर प्रभावित हुए और उन्होंने प्रत्येक छात्र से अपील की है कि वे अपने साथ धरती मां को प्रदूषित होने से बचाने का संकल्प लेकर जाएं और वे खुद प्रकृति का संरक्षक बने। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों, दोस्तों और पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के महत्व के बारे में शिक्षितकरें।
प्रकृति को प्रदूषण से बचाने के लिए अपनी छोटी से छोटी भूमिका का महत्व समझें। सभागार में उपस्थित सभी ने सिंगल यूज प्लास्टिक तथा गैर बायोडिग्रेडेबल वस्तुओं का उपयोग न करने की शपथ ली। कार्यक्रम में एकल उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग से होनेवाले खतरों के प्रति आम आदमी का ध्यान आकर्षण करने तथा उन्हें जागरूक करने के लिए एक थीम सॉन्ग को भी लांच किया गया।
संपूर्ण कार्यक्रम का रूपरेखा से मंच संचालन तक झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के सभी पदाधिकारी एवं उनके एजेंसी ए एंड एम कम्युनिकेशन ने कुशलता पूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभायी।