गुमला। सिसई थाना में शनिवार को एसडीपीओ मनीष चंद्र लाल ने प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि सिसई थाना प्रभारी रवि होनाहागा को सूचना प्राप्त हुई थी कि बरगांव नदी टोली में दो व्यक्तियों को कैद कर रखा गया है। सूचना के सत्यापन में गश्ती दल के पुलिस पदाधिकारी घटनास्थल पर जाकर देखा तो पाया कि दो व्यक्तियों को बरगांव नदी टोली में ग्रामीणों ने घेर कर रखा था। जिसका नाम और पता पूछने पर दोनों ने अपना नाम सुनील उरांव और रमेश उरांव तथा गांव बरगांव पत्ती टोली बतलाया। जिसके बाद विधिवत उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से एक लोडेड देशी कट्टा तथा एक जिंदा गोली बरामद हुआ। उन दोनों ने पूछताछ के क्रम में बताया कि सुनील और आपने 4 साथी उमेश उरांव, दिलीप उरांव,अशोक उरांव एवं धर्मेंद्र लोहरा के साथ मिलकर सामूहिक बलात्कार में शामिल था। जिस संबंध में सिसई थाना में केस हुआ था ?। उपरोक्त सभी को पुलिस जेल भेज चुकी थी। उक्त कांड में सुनील उरांव जमानत पर करीब दो-तीन महीना पहले छूट कर आया था। वर्तमान में अपने साथी रामेश उरांव के साथ मिलकर पीड़िता के परिवार वालों को जान से मारने की धमकी देकर केस उठाने का दबाव डालने के लिए पीड़िता के घर आया था। जब पीड़िता के परिवार वालों ने रात में दरवाजा नहीं खोला तो बगल के जितिया गोप के घर जाकर उसके सहारे पीड़िता के घर का दरवाजा खुलवाने का प्रयास कर रहा था। तभी ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिलने पर उन्हें घेर लिया गया और पुलिस को सूचना दिया गया। इसके पहले भी पीड़ित परिवार को सुनील उरांव के द्वारा केस उठाने का धमकी दिया गया है।