कोडरमा। विगत एक सप्ताह से जिले में कोरोना का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ा है। हम सभी को इस पर गंभीरता से सोचना होगा और सतर्कता व सावधानी बरते हुए अपनी दिनचर्या में बदलाव लाना होगा। पिछले छः दिनों में 90 से ज्यादा लोग विभिन्न जांचों में कोरोना संक्रमित पाए गए है।सबसे राहत की बात है कि इनमें से कोई भी संक्रमित व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार नही है, परंतु लगभग सभी व्यक्तियों में कुछ न कुछ कोरोना संक्रमण के लक्षण अवश्य है। अगर हम अब भी सावधानी नही बरतेंगे तो आने वाले दिनों में इसका गंभीर परिणाम हो सकता है। अस्पतालों में भीड़ की वजह से कई चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी भी संक्रमित हो चुके है। ऐसा प्रायः देखने को मिलता है कि एक मरीज के साथ बेवजह चार से पांच परिजन अस्पताल में घूमते नज़र आते है। उपायुक्त ने जिलावासियों अपील है की वेवजह अपने घरों से नही निकलें, अगर बहुत आवश्यक हो तो मास्क लगाकर निकलें, सामाजिक दूरी का पालन अवश्य करें, नियमित अंतराल पर साबुन से हाथ धोते रहे अगर यह संभव नही हो तो साथ मे सेनेटाइजर अवश्य रखें और उसका इस्तेमाल करें। किसी भी भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर जाने से परहेज़ करें, खासकर शादी समारोह, धार्मिक स्थलों और हाट एवं बाजारों में बेवजह नही जाए, अगर जाना बहुत आवश्यक हो तभी जाएं पर कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन स्वयं भी करें और इसके लिए दूसरों को भी प्रेरित करें। उपायुक्त ने अपील करते हुए कहा कि जिन भी व्यक्तियों को अगर सर्दी, जुकाम, शरीर दर्द, बुखार जैसे कोई भी लक्षण दिखाई दें तो वे तुरंत अपने नज़दीक के स्वास्थ्य केंद्र पर जा कर चिकित्सक का परामर्श लें और कोरोना की जाँच अवश्य करवाये।जिले के सभी प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य केंद्रों सहित जिला अस्पताल तक जाँच एवं इलाज की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है।सदर अस्पताल में तो कोरोना से संभावित संक्रमित मरीजों के लिए फ्लू कार्नर भी संचालित किया जा रहा है।बता दें कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ हो इसके लिए विगत चार महीनों से उपायुक्त कोडरमा द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, इस कड़ी में उपायुक्त महोदय के प्रयास से सदर अस्पताल में 12 चिकित्सकों को अनुबंध के आधार पर प्रतिनियुक्त भी किया गया है जिनमे सात विशेषज्ञ चिकित्सक एवं पांच सामान्य चिकित्सक शामिल है।