- क्या जमशेदपुर पूर्वी में पूर्णिमा दास साहू दिला पाएंगी बीजेपी को जीत?
टीम एबीएन, जमशेदपुर। जमशेदपुर पूर्वी सीट झारखंड की सबसे महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है क्योंकि पिछली बार यहां से झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चुनाव लड़ा था। इस बार रघुवर दास की बहू पूर्णिमा दास साहू को बीजेपी ने यहां से टिकट दिया है।
वैसे 2005,2009 और 2014 के चुनाव में रघुवर दास ने यहां विरोधियों के पांव को कभी टिकने नहीं दिया था, लेकिन 2029 के चुनाव में निर्दलीय कैंडिडेट सरयू राय ने बड़ी मार्जिन से रघुवर दास को हरा दिया था। इस बार बीजेपी ने जमशेदपुर पूर्व सीट से पूर्णिमा दास साहू को चुनावी मैदान में उतारा है तो सरयू राय जमशेदपुर पश्चिमी से जेडीयू कैंडिडेट के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं।
वहीं 2019 के चुनाव में जमशेदपुर पूर्व में निर्दलीय कैंडिडेट सरयू राय ने सबको चौंका दिया था। सरयू राय ने राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास को चारों खाने चित कर दिया था। सरयू राय 73 हजार नौ सौ 45 वोट लाकर पहले स्थान पर रहे थे।
वहीं बीजेपी कैंडिडेट रघुवर दास 58 हजार एक सौ 12 वोट ही लाने में सफल रहे थे तो कांग्रेस कैंडिडेट गौरव बल्लभ 18 हजार नौ सौ 76 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। वहीं 2014 के विधानसभा चुनाव के नतीजे पर गौर करें तो जमशेदपुर पूर्व सीट से रघुवर दास ने बंपर वोट हासिल किया था। रघुबर दास ने काफी बड़ी मार्जिन से कांग्रेस कैंडिडेट पर जीत दर्ज की थी।
रघुवर दास ने 1 लाख तीन हजार चार सौ 27 वोट हासिल किया था जबकि कांग्रेस कैंडिडेट आनंद बिहारी दुबे महज 33 हजार दो सौ 70 वोट ही हासिल कर पाये थे। इस तरह से रघुवर दास ने 70 हजार एक सौ 57 वोटों के रिकॉर्ड मार्जिन से कांग्रेस कैंडिडेट को हरा दिया था। वहीं झारखंड विकास मोर्चा के अभय सिंह 20 हजार आठ सौ 15 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे थे।