कांग्रेस, झामुमो, राजद, लेफ्ट में आपस में तकरार, एक दूसरे के खिलाफ उतारे उम्मीदवार
पंकज प्रसून
टीम एबीएन, रांची। कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय संगठन मंत्री बी एल संतोष रांची आये थे। उन्होंने कर्मवीर सिंह, बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश, नागेंद्र जी आदि के साथ मंथन किया। उस बैठक के बाद टास्क दिया गया कि किसी भी तरह अपने रूठे लोगों को मनाना है। उसके बाद कार्य शुरू हुआ। वरिष्ठ नेताओं की टीम बनाकर रूठे लोगों से संपर्क किया गया। रांची से रमेश सिंह, कांके से कमलेश राम, गुमला से मिसिर कुजूर, रविंद्र राय जैसे एक दर्जन के करीब नाराज लोगों को मना लिया गया है।
निशिकांत दुबे ने राजधनवार से बागी निरंजन राय से मुलाकात की है। इसके अलावा निशिकांत दुबे ने गोड्डा में भाजपा प्रत्याशी अमित मंडल से बात की है। आने वाले दिनों में और भी कई लोगों से संपर्क कर उनको मनाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। नागेंद्र त्रिपाठी, दीपक प्रकाश, प्रदीप वर्मा और कर्मवीर सिंह इस मुश्किल टास्क को बखूबी अंजाम दे रहे हैं। जरूरत पड़ने पर हिमांता विश्व शरमा, बाबूलाल मरांडी और शिवराज सिंह चौहान जी भी स्वयं जाकर मिलते हैं। अमित शाह जी और यहां तक की मोदीजी से भी बात करायी जाती है।
हरियाणा में भी ठीक यही रणनीति अपनायी गयी थी। वहां भी संघ, सैनी और संगठन की तिकड़ी ने अपने रूठे लोगों को मनाया था। जो अपने होते हैं, वो सिर्फ़ रूठते हैं, बिकते नहीं। परिवार का सदस्य नाराज है तो बाकी उसे मनाते हैं। यहीं संघ परंपरा है, सनातन परंपरा है। (साभार फेसबुक वाल से)