झारखंड बंदी आंदोलन में कुल 52 पर हुआ था केस दर्ज
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चतरा। राज्य में पिछले वर्ष नियोजन नीति आंदोलन में झारखंड बंदी के दौरान सैकड़ों छात्रों एवं अभिभावक पर लाठी चार्ज एवं केस दर्ज हुआ था। इस सिलसिले में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो को कल मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट चतरा में बड़ी राहत मिली है। चीफ ज्यूडिशरी मजिस्ट्रेट विनय कुमार लाल के बेंच ने अग्रिम जमानत को स्वीकार कर लिया।
अधिवक्ता अर्जुन कुमार ने बताया कि झारखंड बंदी के दौरान सदर थाना चतरा में केस कांड संख्या 273/23 के आलोक में यह केस दर्ज किया गया था। सरकारी काम में बाधा एवं तोड़फोड़ के मामले में कुल 52 अभियुक्ति को चिन्हित कर यह केस दर्ज किया किया था। जिसमें छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो, योगेश चंद्र भारती एवं लोकनाथ महतो का अग्रिम जमानत स्वीकार कर लिया गया।
न्यायालय में पेशी के बाद स्टूडेंट लाइब्रेरी हाल में छात्रों को संबोधन किया एवं वर्तमान सीजीएल परीक्षा के अनियमितता पर चर्चा परिचर्चा की। तत्पश्चात देर शाम को गिद्धौर पूजा पंडाल में डांडिया नृत्य का उद्घाटन में पहुंचे। कोर्ट परिसर में छात्र नेता श्री महतो ने मीडिया वार्ता के दौरार स्थानीय विधायक सह मंत्री सत्यानंद भोक्ता को आड़े हाथ लिया और कहा कि मंत्री पुत्र के पियुन बहाली विवादित में रहा है।
बाहरी मूल के पार्टी राजद के एकमात्र विधायक होने के बाद भी नियोजन जैसे अहम विभाग देने का गलती वर्तमान हेमंत सरकार ने किया है। नियोजन विभाग वर्तमान राज्य सरकार का सबसे ज्यादा उदासीन एवं विवाद से परिपूर्ण रहा है। हमारी सरकार बनते ही खतियान आधारित स्थानीयता को परिभाषित किया जायेगा।