- क्या भाजपा की टिकट पर जामा से जीत हासिल कर पाएंगी सीता सोरेन?
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के 81 विधानसभा सीटों में से एक जामा विधानसभा सीट है। दुमका ज़िले में स्थित यह विधानसभा क्षेत्र दुमका लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आता है। झारखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद साल 2005 में इस सीट पर भाजपा के सुनील सोरेन विधायक चुने गये थे जबकि 2009 में यह सीट झामुमो के खाते में गयी और सीता सोरेन यहां से विधायक चुनी गयीं।
2014 में भी यह सीट झामुमो के पास ही रही और सीता सोरेन फिर से विधायक बनीं। 2019 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से एक बार फिर सीता सोरेन झामुमो की टिकट पर विधायक चुनीं गयीं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले सीता सोरेन ने भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसलिए 2024 के विधानसभा चुनाव में सीता सोरेन बीजेपी की टिकट पर जामा सीट से किस्मत आजमा सकती हैं।
एक नजर 2019 विधानसभा चुनाव के नतीजों पर
साल 2019 में हो रहे चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो जामा सीट पर सीता सोरेन ने जीत हासिल की थी। सीता सोरेन को 60 हजार नौ सौ 25 वोट मिले थे। वहीं भाजपा कैंडिडेट सुरेश मुर्मू को 58 हजार चार सौ 99 वोट मिले थे। इस लिहाज से सीता सोरेन ने सुरेश मुर्मू को दो हजार चार सौ 26 वोटों के मार्जिन से हराने में सफलता हासिल की थी। वहीं झाविमो कैंडिडेट अर्जुन मरांडी पांच हजार आठ सौ 97 वोट लाकर तीसरे स्थान पर रहे थे।
साल 2014 के विधानसभा चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो इस सीट पर जेएमएम की सीता सोरेन ने भाजपा के सुरेश मुर्मू को 2 हजार तीन सौ छह वोटों से हराकर अपना परचम लहराया था। सीता सोरेन को कुल 53 हजार दो सौ 50 वोट मिले थे।
जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के सुरेश शर्मा को कुल 50 हजार नौ सौ 44 वोट मिले थे, तो वहीं तीसरे स्थान पर रहे झाविमो के सुखलाल सोरेन को कुल 9 हजार दो सौ 63 वोट मिले थे। वहीं 2009 के विधानसभा चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो इस सीट पर जेएमएम की सीता सोरेन ने भाजपा के मनोज कुमार सिंह को 12 हजार सात सौ छह वोटों से हराकर जीत हासिल की थी।
सीता सोरेन को कुल 38 हजार पांच सौ 50 वोट मिले थे। जबकि दूसरे नंबर पर रहे भाजपा के मनोज कुमार सिंह को कुल 25 हजार आठ सौ 44 वोट मिले थे। वहीं तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस के सुशील मरांडी को 12 हजार नौ सौ 48 वोटों से संतोष करना पड़ा था।
झारखंड बनने के बाद इस सीट पर हुए विधानसभा चुनाव परिणामों का विश्लेषण करें तो इस सीट पर सीता सोरेन ने लगातार तीन बार जीत हासिल की है। लेकिन इस बार सीता सोरेन भाजपा की टिकट पर जामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। ऐसे में झामुमो के हाथ से ये सीट निकल भी सकती है।