- असम के सीएम ने घोषणा की है कि भाजपा झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव आजसू पार्टी और जदयू के साथ मिलकर लड़ेगी
- सीट बंटवारे का समझौता अंतिम चरण में है और औपचारिक घोषणा पितृ पक्ष के बाद की जायेगी
- राज्य में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत में प्रस्तावित हैं
टीम एबीएन, रांची। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को घोषणा की कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव सहयोगी दलों के साथ मिलकर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों आजसू पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के साथ मिलकर लड़ेगी। भाजपा के झारखंड चुनाव के सह-प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे का समझौता अंतिम चरण में है।
सहयोगियों के साथ 99 प्रतिशत सहमति बनने का दावा
हिमंता बिस्वा सरमा ने रांची में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा, आजसू पार्टी और जदयू के साथ मिलकर झारखंड चुनाव लड़ेगी। सहयोगियों के साथ 99 प्रतिशत सीट पर सहमति बन गई है। बाकी की एक या दो सीट के लिए बातचीत की जा रही है और इन पर जल्द ही फैसला लिया जायेगा।
पितृ पक्ष के बाद सीट बंटवारे की औपचारिक घोषणा
भाजपा के चुनाव सह प्रभारी हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इस संबंध में औपचारिक घोषणा पितृ पक्ष के बाद की जाएगी जो दो अक्टूबर को समाप्त हो रहा है। झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव इस साल के अंत में प्रस्तावित है।
उत्पाद सिपाही अभ्यर्थियों की मौत मामले में जांच हो
राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा को पत्र लिखकर उन अभ्यर्थियों की मौत की विस्तृत जांच के लिए सहायता मांगी है जो आबकारी भर्ती अभियान के तहत शारीरिक परीक्षण के लिए उपस्थित हुए थे। इस पर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चूंकि मौत झारखंड में हुई है तो जांच की पहली जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। अगर मुख्यमंत्री को लगता है कि विस्तृत जांच की आवश्यकता है तो उन्हें न्यायिक जांच के लिए झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखना चाहिए। हम इसका स्वागत करेंगे।
15 उत्पाद सिपाही अभ्यर्थियों की मौत
हाल में इस अभियान के दौरान शारीरिक परीक्षा में भाग लेते हुए 15 अभ्यर्थियों की जान चली गई थी। भाजपा इन मौतों को लेकर सोरेन सरकार पर हमलावर है और आरोप लगा रही है कि वे प्रशासन के कुप्रबंधन के शिकार हुए। हिमंता बिस्वा ने झारखंड में कथित घुसपैठ पर चिंता भी जतायी।