- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चतरा और कोडरमा जिलों को दी 1500 करोड़ की सौगात
पवन कुमार पांडेय
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चतरा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिले के इटखोरी प्रखंड अंतर्गत भद्रकाली मंदिर स्थित महोत्सव मैदान में बुधवार को आयोजित आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने चतरा एवं कोडरमा जिलों को लगभग 1500 करोड़ रुपए की योजनाओं की सौगात दी। विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास एवं लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का किया वितरण। इस कार्यक्रम में चतरा और कोडरमा से लाभुक पहुंचे।
इस दौरान सुरक्षा के भी चौबंद व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि केंद्र सरकार ने झारखंड का 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये बकाया रखा हुआ है। अगर केंद्र सरकार इस पैसे का ब्याज भी दे देती है तो वे मंईयां सम्मान योजना की राशि 1 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये कर देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गरीबों और कमजोरों को ताकत देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 200 यूनिट बिजली फ्री कर दी है और बकाया बिजली बिल को भी माफ कर दिया है।
गरीबों की मदद के लिए शुरू की गयी है मुख्यमंत्री मंईयां योजना
भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मंईयां सम्मान योजना वोट लेने के लिए नहीं, बल्कि गरीबों की मदद करने के लिए शुरू की गई है, जबकि भाजपा ने कभी गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि 2019 में जब से उनकी सरकार बनी है, तब से ही वे पूरे राज्य में घूम रहे हैं और देख रहे हैं कि सरकारी योजनाएँ और सेवाएँ गाँवों तक पहुँच रही हैं या नहीं। चतरा जिला ऐसा दूसरा स्थान है जहाँ सबसे अधिक शिविर लगे हैं, और लाखों लोगों के आवेदन आये हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2021 में शुरू हुआ सरकार आपके द्वार कार्यक्रम झारखंड का पहला ऐसा कार्यक्रम है जिसके तहत राज्य के सभी बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को पेंशन दी जा रही है। इस योजना के तहत सरकार हर महीने सभी बुजुर्गों को 1000 रुपये की पेंशन दे रही है। अब मंईयां सम्मान योजना भी शुरू हो गई है जिसके तहत सरकार महिलाओं को भी पेंशन दे रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आने वाले पांच सालों में लोगों को इतना सशक्त बनाएगी कि उन्हें किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ेगा और उन्हें सालाना एक लाख रुपये भी दिये जायेंगे।
मंईयां सम्मान योजना से विपक्षी दल मचा हुआ है खलबली
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल हमारी योजनाओं की नकल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह केवल एक चुनावी जुमला है। मंईयां सम्मान योजना से विपक्षी दल खलबली मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनाव में वोट खरीदने के लिए पूरे देश के बड़े-बड़े मंत्री और मुख्यमंत्री झारखंड में मंडरा रहे हैं। झारखंड में खनिज के भंडार होने के बावजूद वहाँ के लोगों की हालत खराब है और केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाला पैसा 3-4 साल तक नहीं दिया।
उन्होंने विपक्ष पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार लोगों को अधिकार देने का काम कर रहे हैं, जबकि विपक्षी उनके काम में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सोने की चिड़िया पर कब्जा करने के लिए इन व्यापारियों का पूरा ताकत लगा हुआ है। हमने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर 1 लाख छत्तीस हजार करोड़ रुपया बकाया केंद्र सरकार से मांगा है, लेकिन वे केवल 1 करोड़, 2 करोड़ दे रहे हैं। अगर वे हमें उस पैसे का ब्याज भी दे दें तो हम मंईयां सम्मान योजना की राशि 1 हजार से बढ़ाकर दो हजार कर देंगे।
हम गरीबों को ताकत देने का काम कर रहे हैं और यही बात विपक्ष को तकलीफ दे रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने लोगों को उनके घरों तक पहुँचाने का काम किया और झारखंड पूरे देश में पहला राज्य था जिसने अपने प्रवासी मजदूरों को हवाई जहाज से वापस लाने का काम किया। इस मौके पर मंत्री सत्यानंद भोक्ता, मंत्री बन्ना गुप्ता, बरही के विधायक उमाशंकर अकेला, चतरा जिला परिषद अध्यक्ष ममता देवी, चतरा और कोडरमा के प्रशासनिक पदाधिकारी समेत अन्य उपस्थित थे।
रांची से नहीं बल्कि गांवों से चलने वाली सरकार
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आपकी योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि यह एक मजबूत और बेहद कारगर कार्यक्रम साबित हो रहा है।उन्होंने कहा कि उनकी सरकार रांची हेडक्वार्टर से नहीं बल्कि गांव और देहात से चल रही है ताकि सरकार और जनता के बीच सीधा संपर्क बना रहे। इस कार्यक्रम के तहत गांव-पंचायत और टोला-मोहल्ला में विशेष शिविर लगाये जा रहे हैं, जहाँ बीडीओ और सीओ जैसे अधिकारी लोगों के दरवाजे पर आकर उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न जिलों में आयोजित हो रहे विशेष शिविरों में शामिल हो रहे हैं ताकि लोगों से सीधा संवाद कर सकें और सरकार की योजनाओं की हकीकत को जान सकें।