खलारी प्रखंड प्रमुख सोनी तिग्गा ने विरोधी गुट के बैठक को फर्जी और खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे बताया
प्रमुख ने विरोधी पंसस के पति द्वारा अनावश्यक रूप से धमकाने और जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 23 सितंबर दिन सोमवार 2024 पूर्वाह्न 11 बजे खलारी प्रखंड की प्रमुख सोनी तिग्गा ने प्रेस प्रतिनिधियों से वार्ता के क्रम में कल उनके विरोधियों द्वारा हमेशा बीमार रहने के जवाब में विगत दिन हुई बैठक को फर्जी और खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे वाली हास्यास्पद हरकत बताया।
श्रीमती तिग्गा ने कहा कि मानव जीवन में हम सभी बीमार पड़ते हैं और यह कोई गलती नहीं है। यह ईश्वर निर्धारित परिस्थिति है। जिससे सबको गुजरना पड़ता है। मगर चाहे जैसी भी स्वास्थ्य की स्थिति रही हो हर आवश्यक कार्य और बैठक में जरूर से उपस्थित रही हूं। उन्होंने कहा कि आज उनका विरोध वही कर रहे जिन्होंने अपने अहंकार में पद पर रहते अपने स्वार्थ में सिर्फ अपने फायदे के लिए काम किया और जनता के हितों की उपेक्षा की।
श्रीमती तिग्गा ने कहा भारत के संविधान और जनता के लिए बने सभी सरकारी निदेर्शों के अनुसार पूरी सच्चाई और ईमानदारी से काम करना ही अपना धर्म समझा है, और आगे भी समाज के अंतिम पायदान पर खड़े कमजोर एवं लाचार व्यक्ति को न्याय और अधिकार मिल सके, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर काम करना अपना उद्देश्य समझती हूं।
उन्होंने बताया कि कभी भी अपने समर्थक और विरोधी जान किसी पंसस के साथ कोई भेदभाव नहीं किया। जबकि अन्य सभी स्थानों पर सभी अध्यक्ष अपने समर्थकों के काम को ही प्राथमिकता में रखते हैं। सभी के पंचायत में विकास के काम होते रहे हैं आगे भी होंगे। इस बात की सत्यता को जमीनी स्तर पर जनता भी जानती है और साथ ही वरीय अधिकारियों द्वारा भी आनलाइन देखकर सराहा जाता रहा है।
पंचायत समितियों की बैठक प्रखंड कार्यलय में समय समय पर होती रही है,जिसमें सभी पंचायत समिति सदस्य को पत्र जारी कर बुलाया जाता है। मगर विरोधी गुट की रेणु देवी और कई नहीं आते। ये सब विकास विरोधी लोग है, सिर्फ अपना उल्लू साधने में लगे रहते हैं। कई विरोधी पंसस के सिर्फ पति आते हैं। ये पंसस के पति लोग बिना समय का ध्यान रखे कभी भी देर रात अनगिनत बार कॉल करते हैं और मनचाहे काम में लिए दबाव देते हैं इसलिए इनका कॉल रिसीव करना प्रताड़ना सहने जैसा है। फिर भी ये साजिशें करते रहते हैं।
सभी पंचायत समितियां का सम्मिलित विकास का फंड प्रखंड कार्यालय में होता है, जो अपेक्षा से काफी कम होता है। इस बार 14 पंचायत में महज 10 लाख आया, तो इसी में सभी जनता के लिए विकास कार्य करना चुनौती है। इसमें भी ये विरोधी गुट का इच्छा है कि सिर्फ उनके मन मुताबिक काम करें। यह नाजायज मांग पूरी नहीं होने के कारण ही, ये फर्जी मीटिंग दूर जाकर हुई। यह सीसीएल के प्राइवेट स्थान पर मीटिंग कक्ष के बाहर गलियारे में तस्वीरें लेकर मीडिया में सस्ती लोकप्रियता पाने की हास्यास्पद कोशिश है।
श्रीमती तिग्गा ने अपने एक आदिवासी समर्थक पंसस द्वारा विरोधी गुट ने जातिसूचक गाली देने की शिकायत मिलने पर उनके फोन डिटेल निकाल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रीमती तिग्गा ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी जो प्रखंड स्तरीय सभी समिति और योजनाओं में प्रमुख के सचिव हैं। उन्होंने नाली के निर्माण में फंड निकासी में तकनीकी दिक्कत और उच्च अधिकारी से अनुमति आवश्यक बताया था।
इसी कारण नाली निर्माण में दिक्कत आ रही। अब मुझपर इसके आरोप लग रहे इसलिए, आगामी बैठक में बीडीओ से इस बाबत जवाब तलब किया है। वहीं सीधे इसके कारणों के उत्तर देंगे, इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। आज मुझ पर वही लोग आक्षेप लगाने की कोशिश कर रहे जिनपर, पहले घटिया निर्माण कार्य और घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने के चलते दंडात्मक करवाई की गई थी।
श्रीमती तिग्गा ने कहा उन्हें इन नकली नौटंकी से कोई मतलब नहीं वो अपने ईमानदार प्रयास जनहित में और क्षेत्र के विकास के लिए काम करती रहीं हैं और आगे भी करती रहेंगी। उक्त जानकारी विजय दत्त पिंटू (9534100186) ने दी है।