टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ रांची का क्षमापना कार्यक्रम आज श्वेताम्बर जैन मंदिर, डोरंडा में हुआ। श्री जैन श्वेतांबर श्री संघ रांची का पर्युषण उपरांत क्षमापना कार्यक्रम आज प.पु. लयस्मिता श्री जी म. सा.आदि ठाणा 5 के सानिध्य में धूमधाम से जैन मंदिर डोरंडा में मनाया गया।
सुबह 8:30 बजे से भगवान शान्तिनाथ जी की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से जैन मंदिर से निकली जो कि तुलसी चौक, मेकॉन चौक, हाई कोर्ट होते हुए वापस मंदिर जी में प्रवेश करेगी। शोभायात्रा में भक्तों के द्वारा जगह-जगह पर भगवान का मंगल स्वागत किया गया एवं रास्ते भर भक्त भगवान के मधुरमय भजन एवं नारों से झूम रहे थे।
गायक जुगल दरगड़, अक्षय सेठिया, संजय कोठारी, संजय नाहटा के मधुर भजनों से सभी झूम रहे थे। शोभा यात्रा के पश्चात मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें कन्याओं ओर महिलाओं ने धार्मिक नृत्य, नाट्य एवं भजन पेश किए गये!जिसमे मुख्य रूप से श्रुति सेठिया, खुशबू बोथरा,रूपम भंसाली, भविष्य सेठिया, प्रखर नाहटा, वेदिका मेहता, अंशुला सेठिया, सरोज सेठिया, प्रीति रामपुरिया ने भाग लिया।
इस दौरान 30 उपवास करने वाले तपस्वी मयंक बेगानी , 13 उपवास करने वाले विशाल दस्सानी, 8 उपवास करने वालों में छोटे लाल चोरड़िया, सूरेश बोथरा, श्रुति सेठिया, सोनल नाहटा, विनय नाहटा, धर्मेंद्र बोहरा आदि सभी का बहुमान श्री मूर्तिपूजक संघ, तेरापंथी सभा, श्री साधुमार्गी जैन संघ, समता मंडल, तेरापंथ युवक परिषद के सदस्यों के द्वारा किया गया।
इस पर्युषण पर्व के दोरान इस बार में बड़ी संख्या में लोगों ने तपस्या करके अपने कर्मों की निर्जरा की! कार्यक्रम का संचालन सोनल नाहटा ने किया!घेवर चन्द नाहटा, इशिका बोथरा ने क्षमा याचना के बारे में बताया। तत्पश्चात दोपहर 1 बजे से स्वामी वात्सल्य का आयोजन था जिसमे सभी समाज के लोग शामिल हुए।
आज के कार्यक्रम मुख्य रूप से श्री संघ के अध्यक्ष संपतलाल रामपुरिया, सुभाष चंद बोथरा, विमल दस्सानी, मोहन लाल पींचा, अमर चन्द बैंगानी, अशोक बोथरा, विनय नाहटा, बालवीर बोथरा, प्रकाश नाहटा एवं सकल श्वेतांबर समाज राँची के लोगों ने अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया। आज शाम को 6 बजे से मंदिर में भक्ति भजन संध्या रखी गयी है। कल सुबह 9 बजे से प्रवचन एवं 30 उपवास करने वाले मयंक बैगानी के तपस्या के उपलक्ष्य में 11 बजे से गीत एवं स्वामी वात्सल्य रखा गया है।