चतरा। इटखोरी-चौपारण सीमा पर स्थित चौपारण थाना के करगा, पत्थलगड्डा और मुड़िया जंगल में बड़े पैमाने पर अफीम और गांजा की खेती की जा रही है। बीते दिनों इन क्षेत्रों में की जा रही अफीम और गांजा की खेती का खुलासा किया गया था। अब उस फसल के नष्टीकरण का कार्य शुरू किया गया है। बता दें कि जंगली इलाकों में वन विभाग की जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। ऐसे में चतरा तथा हजारीबाग की पुलिस ने बुधवार को संयुक्त अभियान चला कर चौपारण थाना क्षेत्र के करगा वन क्षेत्र में करीब 10 एकड में लगाए हुए अफीम तथा गांजा के पौधें को नष्ट किया जा रहा है। करीब 60 एकड़ भूभाग में अफीम व गांजा की खेती अभी भी लगी हुई है। जिसे दोनों जिले की पुलिस आने वाले दिनों में नष्ट करेंगी। चतरा तथा हजारीबाग जिला की पुलिस टीम का नेतृत्व बरही के एसडीपीओ नजीर अख्तर कर रहे थे। उनके साथ इटखोरी के पुलिस निरीक्षक शिव प्रकाश कुमार, थाना प्रभारी निरंजन मिश्रा तथा चौपारण के थाना प्रभारी सपन कुमार महतो सशस्त्र पुलिस बल के साथ थे। बुधवार को दिन के करीब 11:00 बजे दोनों जिला की पुलिस इटखोरी के रास्ते से चौपारण थाना क्षेत्र के करगा जंगल में पहुंची। पुलिस की टीम अपने साथ दो ट्रैक्टर लेकर भी गई हुई थी। चिन्हित स्थल पर पहुंचकर पुलिस की टीम ने ट्रैक्टर के माध्यम से अफीम व गांजा की खेती को हल चलवा कर नष्ट कराया। सबूत के तौर पर पुलिस तथा वन विभाग की टीम अफीम व गांजा के कुछ पौधे अपने साथ ले आई है। इटखोरी के थाना प्रभारी ने बताया कि चिन्हित स्थल पर अभी भी करीब 60 एकड़ क्षेत्र में अफीम व गांजा के पौधे लगे हुए हैं। जिसे भी नष्ट किया जाएगा। मालूम हो कि खबर मन्त्र अखबार में प्रकाशित खबर पर चतरा जिला की पुलिस ने सीमा से सटे करगा, पत्थलगड्डा और मुड़िया जंगल का निरीक्षण किया था।