- पूर्व में झामुमो छोड़ने वाले आज राजनीतिक पहचान के मोहताज : धर्मेंद्र महतो
टीम एबीएन, रांची। झामुमो के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं चंपाई सोरेन। उन्होंने लगभग 40 वर्षों तक एसटी, एससी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों, गरीबों, मजदूरों, दलितों के हक की लड़ाई लड़ी। सामंतवादी शक्तियों के खिलाफ दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ संघर्षशील रहे।
आज कुर्सी के लोभ में उन्होंने भाजपा में जाने की ठानी है। जिस मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी, सामाजिक न्याय विरोधी, किसान विरोधी, आदिवासी विरोधी पार्टी भाजपा के खिलाफ वे वर्षों तक लड़ाई लड़े, आज उसी पार्टी की गोद में बैठने की घोषणा कर वे अपने ही पैरों में कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहे हैं।
इतने परिपक्व नेता चंपाई को शायद यह नहीं पता कि झामुमो छोड़कर जाने वाले सूरज मंडल, कृष्ण मार्डी, हेमलाल मुर्मू, सीता सोरेन, शैलेंद्र महतो सहित दर्जनों नेता आज अपनी राजनीतिक पहचान के मोहताज हो गए हैं। अभी भी वक्त है चंपाई सोरेन अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।