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झारखंड

शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनमें भविष्य उज्ज्वल करने का विश्वास जगाना है : उपायुक्त

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शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना और उनमें भविष्य उज्ज्वल करने का विश्वास जगाना है : उपायुक्त
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गुमला। आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम की श्रंख्ला में आज जिले के सभी सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मध्य, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में आज जिला मुख्यालय स्थित एस.एस. बालक प्लस टू उच्च विद्यालय गुमला में शिक्षक अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन में किया गया। संगोष्ठी का शुभारंभ उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी एवं एसएमपीओ रेचल जोजोवार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। मौके पर उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने शिक्षक-अभिभावक सगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके अंदर उस विश्वास को जागृत करना है जिससे वे अपना भविष्य उज्जवल कर सकें। इसमें अभिभावकों की भूमिका अति महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में अभिभावकों की सहभागिता अति आवश्यक है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी आगे आना होगा। उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, साफ-सफाई, स्वच्छता, अनुशासन आदि का भी ज्ञान देना होगा। अभिभावकों को अपने बच्चों के शिक्षण गतिविधियों का सतत अनुश्रवण करना होगा ताकि वे अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से न चूकें। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हुए कहा कि वे शिक्षा के अलावा चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दें। पढ़ाई के साथ-साथ अपने जीवन में स्वच्छता एवं साफ-सफाई की आदतों को भी अपनाएं। उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए 15 जनवरी 2022 तक पूरे गुमला जिले को शत-प्रतिशत टीकाकरण से आच्छादित करने के लक्ष्य की जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। इस वैश्विक महामारी से बचाव का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है। अतः विद्यालय के सभी 18 वर्ष से अधिक आयु वाले विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगवाने हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने संगोष्ठी में शामिल अभिभावकों को भी कोरोना के दोनों टीके लगवाने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर मास्क पहनने, हाथों को धोने तथा सामाजिक दूरी का अनुपालन करने की भी अपील की। जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय ने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनाने की दिशा में अभिभावकों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। अभिभावकों का नाता विद्यालय के साथ होना चाहिए, ताकि शिक्षकों के साथ रूबरू होकर शिक्षा के क्षेत्र में होने वाली कमियों को दूर किया जा सके। उन्होंने आगे कहा कि अभिभावकों का दायित्व केवल विद्यालयों में बच्चों का दाखिला कराना ही नहीं है, अपितु बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सदैव उनका मार्गदर्शन करना, पढ़ने-लिखने के लिए प्रोत्साहित करना तथा शिक्षकों के साथ समन्वय स्थापित कर बच्चों की अभिरूची के क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने के लिए उनका सहयोग करना भी है। संगोष्ठी में विद्यालय की प्रधानाध्यापिका शुभ्रा भारती ने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी की विशेषता पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में अभिभावकों की उपस्थिति को अति महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि एक विद्यार्थी के भविष्य को उज्जवल बनाने में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ अधिक से अधिक समय व्यतीत करना चाहिए ताकि बच्चे अपनी भावनाओं को व्यक्त कर पाएं। बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों को परस्पर एवं आपसी सम्नवय स्थापित कर शैक्षणिक शैली में विकास, पठन-पाठन में उन्नयन, पाठ्येतर गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में अपना सहयोग देना होगा। उन्होंने विद्यालय के सभागार की जर्जर अवस्था की जानकारी देते हुए सभागार के जीर्णोद्धार की अपील की। जिसपर उपायुक्त ने अगले दो–से-तीन दिनों के अंदर सभागार के जीर्णोद्धार/ मरम्मती हेतु स्वीकृति प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया। संगोष्ठी में कक्षा नवमी के छात्र देवनाथ नगेशिया द्वारा देश-भक्ति गीत प्रस्तुत की गई। वहीं बालिकाओं द्वारा ऊंचा-नीचा पहाड़-पर्वत गीत पर सामूहिक नृत्य (झारखंडी नृत्य) की प्रस्तुति दी गई। वहीं कक्षा बारहवीं की छात्रा आलिया फलक द्वारा विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक-अभिभावक के महत्व पर भाषण प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त द्वारा वर्ष 2021 में कक्षाओं में शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करनेवाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत भी किया गया। शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र पाण्डेय, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी देवेंद्रनाथ भादुड़ी, एसएमपीओ रेचल जोजोवार, प्रधानाध्यापिका शुभ्रा भारती सहित शिक्षक विंद, अभिभावक, विद्यार्थी व अन्य उपस्थित थे।
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