- आन्दोलन और विधान सभा चुनाव पर लिया गया कई निर्णय
- आंदोलनकारी चिन्हितीकरण कमिटि गठन कर आंदोलनकारियों को चिन्हित कर विधान सभा में उम्मीदवार का चयन किया जायेगा : देवेन्द्र नाथ महतो
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 18/08/2024 दिन रविवार को राजधानी रांची मोराबादी स्थित पाही पैलेस में पिछले कई वर्षों से कई आंदोलन मुख्य रूप से मुख्यमंत्री आवास घेराव, विधान सभा आवास घेराव, राजभवन घेराव, जेपीएससी, जेएसएससी कार्यालय घेराव, ट्विटर (एक्स) अभियान, विधायक सांसद समर्थन प्राप्त अभियान, 24 जिला में धरना प्रदर्शन, झारखंड बंदी के अलावा अन्य आंदोलन ऐतिहासिक सफल होने के बावजूद सरकार द्वारा एक भी प्रमुख मांग पूरा नहीं करने कारण तथा आगे आंदोलन की रूपरेखा एवम विधान सभा चुनाव परिचर्चा विषय पर राज्यस्तरीय संगोष्ठी की गयी। जिसमें 24 जिला के कार्यकर्ता, डॉक्टर, इंजीनियर, एडवोकेट बुद्धिजीवी शामिल हुए। कार्यक्रम के माध्यम से सर्वसम्मति से निम्न प्रस्ताव को पारित करके जेबीकेएसएस के केंद्रीय अध्यक्ष टाईगर जयराम महतो को भेजने का निर्णय लिया गया, जो इस प्रकार है -
- जेबीकेएसएस/जेएसएसयू आंदोलन में सक्रिय आंदोलनकारी को चिन्हित करने के लिए संगठन के अंदर एक आंदोलनकारी चिन्हितीकरण कमिटि का गठन किया जाएगा।
- विधान सभा उम्मीदवार चयन में आंदोलनकारी चिन्हितीकरण कमिटि द्वारा चिन्हित आंदोलनकारियों को 50% अंक के साथ सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जायेगा।
- 26 अगस्त 2024 दिन सोमवार से धरती आबा बिरसा मुंडा के जन्मस्थली उलिहातु से आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो अगुवाई में न्याय अधिकार यात्रा सह झारखण्ड नव निर्माण यात्रा निकाला जायेगा।
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि अगर 1831 के कोल विद्रोह से विलकिलिशन रूल कानून बना, 1855 के हूल विद्रोह से एसपीटी एक्ट कानून बना, 1895 के बिरसा का उलगुलान से। सीएनटी एक्ट कानून बना तो हमें भी नहीं भूलना चाहिए कि यह धरती बिरसा मुंडा, सिद्धू कान्हु, निलाम्बर पीताम्बर, शक्ति सुनील, निर्मल, वीर बुधु भगत, शेख भिखारी का धरती है हमें भी अपना आंदोलन अंजाम तक जारी रखना है।
इसके अलावा राज्यस्तरीय संगोष्ठी में उपाध्यक्ष संजय मेहता, महिला मोर्चा अध्यक्ष पार्वती कुमारी महतो, महासचिव राजकिशोर महतो, सचिव संजय महतो, संजीत कुमार, कमलेश चौधरी, डॉ अभिषेक, डॉ विकाश, राकेश, गोपेश्वर, पुष्पा कुमारी, चंदन, योगेश चन्द्र भारती के अलावा अन्य सैकड़ों लोग उपस्थित थे।