मेदिनीनगर। एंटी करप्शन ब्यूरो ने मंगलवार को जिले के नावाबाजार के मनरेगा बीपीओ आनन्द कुमार को 12 हजार रुपए घूस लेते कंडा से गिरफ्तार किया गया था। एसीबी ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए बुधवार को शहर थाना में कार्यरत सहायक पुलिस अवर निरीक्षक इंदर पासवान को पांच हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। एएसआई बिहार के नालंदा जिले के गोटिया के रहनेवाले हैं। गिरफ्तार एएसआई एक केस में जमानत देने के लिए रेड़मा निवासी कंचन गुप्ता से छह हजार रूपये रिश्वत की मांग की थी। 25 फरवरी को टाउन थाना के कंचन कुमार गुप्ता सहित अन्य को नोटिस दिया गया था और थाना बुलाया गया था। इस मामले में जब कंचन कुमार गुप्ता ने मेदिनीनगर टाउन थाना के एएसआई सह केस के अनुसंधानकर्ता इंदर पासवान से मिला तो उसे बताया गया कि 6 हजार देने पर उसके अलावा दो अन्य लोगों को मुकदमे में थाना से ही जमानत दे दी जाएगी। कंचन ने पैसे देने में असमर्थतता जतायी तो एएसआई ने कहा कि पैसा नहीं देने पर जेल भेज देंगे। एसीबी डीएसपी करूणानंद राम ने बताया कि कंचन ने इसकी शिकायत एसीबी की मेदिनीनगर कार्यालय में की थी। शिकायत के आलोक में मामले की जांच की गयी और सही पाकर कार्रवाई के लिए रणनति बनायी गयी। आवेदक को घूस के 5 हजार रुपए देकर एसीबी की टीम के साथ मौके पर भेजा गया। टाउन थाना के गेट पर जैसे ही एएसआई ने घूस के पैसे लिए मौके पर एसीबी टीम ने पैसा लेते हुए उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। गिरफ्तार करने के बाद एएसआई को एसीबी कार्यालय लाया गया। उसके बाद एएसआई को जेल भेज दिया गया।