कोडरमा। झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर कोडरमा में राज्यव्यापी हड़ताल का असर 12 घंटे तक देखने को मिला। चार सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल बुलाई गई थी। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक नो परचेज नो सेल की तर्ज पर पेट्रोल पंप कार्य करता रहा। वहीं झारखंड सरकार का आदेश बेअसर रहा। सरकार ने बंद को अवैध घोषित कर दिया था। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अधिकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। जिले के झुमरी तिलैया, कोडरमा, सतगावां, जयनगर, डोमचांच, मरकच्चो और चंदवारा के 70 पेट्रोल पंप में लगभग ढाई लाख लीटर डीजल-पेट्रोल की बिक्री प्रभावित हुई और इसमें ढाई करोड़ का व्यवसाय भी बाधित रहा। जबकि कोडरमा जिला से 50 लाख रुपये का राजस्व सरकार को प्राप्त नहीं हो सका। कोडरमा डीलर पेट्रोलिएम एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सोमानी, सचिव दीपक छाबड़ा के अलावा कोषाध्यक्ष सुभाष मोदी, ओमप्रकाश सिंह, आनंद सामंतो, प्रदीप भदानी, भोला वच्चन देव, अमित अग्रवाल, संतोष यादव, मथुरा साव, दीपक अग्रवाल, विपीन मोदी के पेट्रोल पंप बंद रहे। एसोसिएशसन के पदाधिकारियों ने बताया कि डीजल-पेट्रोल में झारखंड में 22 प्रतिश्त वैट लगाया गया है जिसे 17 प्रतिशत करने की मांग की गई है। वहीं पड़ोसी राज्य बिहार-बंगाल में वैट कम होने की वजह से झारखंड की बसें और ट्रक डीजल-पेट्रोल की खरीदारी वहीं से कर रहे हैं। कोडरमा के बॉर्डर एरिया रजौली से लोग पेट्रोल-डीजल चार से पांच रुपए प्रति लीटर कम में खरीदकर ला रहे हैं। इसको इस ओर गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरुरत है। वहीं सरकारी बकाया राशि का भुगतान शीघ्र करने तथा भविष्य में सरकार के विभिन्न कार्यालयों में संचालित वाहनों में डीजल-पेट्रोल भराने के 15 दिनों के अंदर भुगतान करने तथा बायो डीजल के नाम पर नकली डीजल की बिक्री पर अविलंब रोक लगाने, पर्याव्रारण असंतुलन ओर गरीब जनता को इससे राहत दिलाने की मांग शामिल है। इधर, हड़ताल को लेकर एसोसिएशन ने इमरजेंसी सेवा के लिए पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था अलग से कर रखा था। पेट्रोल पंपों के बंद होने से लोगों को काफी परेशानी हुई। पेट्रोल-डीजल के लिए लोग इधर-उधर घूमते देखे गये।