झारखंड में बदल रही डेमोग्राफी हिंदू आबादी हो रही कम, संसद में उठा मुद्दा
एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में मुस्लिमों की आबादी तेजी से बढ़ रही है ये कहना है झारखंड के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे का और उन्होंने राज्य में राष्ट्रीय नागरिक पंजी को लागू करने और पश्चिम बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों को केंद्र शासित क्षेत्र बनाने की मांग की है। गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने कहा झारखंड में आदिवासी समुदाय की आबादी 10 फीसदी तक घट गई है और मुस्लिम युवक आदिवासी महिलाओं से शादी कर रहे हैं।
सदन में बोलते हुए सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, विपक्ष हमेशा यही बोलता रहता है संविधान खतरे में है पर सच तो ये है संविधान नही इनकी राजनीति खतरे में है। उन्होंने कहा झारखंड बिहार से अलग होकर जब अलग राज्य बना तब संथाल परगना क्षेत्र में 2000 में 36 फीसदी आदिवासी जनसंख्या थी जो अब घटकर 26 फीसदी रह गयी है।
उन्होंने सदन में सबसे पूछा ये 10 फीसदी आबादी कहा खो गई सदम में इसको लेकर कोई बात नही करता। सांसद निशिकांत दुबे ने कहा हर जगह प्रत्येक जगह 15-17 फीसद वोटर ही बढ़ता है पर हम्रारे यहां 123 फीसद आबादी बढ़ी है। मेरे लोकसभा क्षेत्र में आने वाले विधानसभा क्षेत्र में लगभग 267 बूथों पर मुसलमानों की आबादी 117 प्रतिशत बढ़ गयी है। झारखंड में 25 ऐसी विधानसभा सीटें हैं जहां की आबादी 123 प्रतिशत, 110 प्रतिशत आबादी बढ़ी है, यह चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि पाकुड़ जिले में तारानगर इलाके में दंगा हो गया। इस दंगे की वजह यह है कि बंगाल की पुलिस और मालदा, मुर्शिदाबाद से लोग आकर हमारे लोगों को भगा रहे हैं। हिंदू गांव का गांव खाली हो रहा है उन्होंने यह भी कहा कि यह मैं आन रिकार्ड कह रहा हूं और सीरियस मामला है। अगर मेरी बात गलत साबित होती है तो मैं इस्तीफा दे दूंगा।
बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद से लोगों ने हिंदुओं पर अत्याचार किया है। झारखंड पुलिस कार्रवाई करने में असमर्थ है। उन्होंने आगे कहा कि पूरे मालदा, मुर्शिदाबाद, अररिया, कटिहार, किशनगंज से आए लोगों ने हिंदुओं पर अत्याचार किया है। वे भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इन इलाकों को यूनियन टेरिटरी मानने की मांग करते हैं।