दुमका। जिले के दो थाना क्षेत्र में रविवार की शाम आग में बुरी तरह झुलसी दो महिलाओं ने सोमवार की सुबह मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। रामगढ़ के कड़बिंधा की 30 वर्षीय जोसना कुमारी घर वालों के लिए चाय बनाने व गोपीकांदर के बलिया गांव की 41 वर्षीय सुचिता मुर्मू ठंड से बचने के लिए जल रहे अलाव की आग में झुलस गई थी। सोमवार को नगर थाना की पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजन को सौंप दिया। दोनों के पति के बयान पर यूडी केस दर्ज किया गया है। रविवार की रात परिजनों ने गोपीकांदर में आग में झुलसी सुचिता मुर्मू को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। करीब 80 फीसदी जल जाने के बाद भी डाक्टरों ने बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन जान को बचाया जा नहीं जा सका। पति इलियास हांसदा ने बताया कि ठंड से बचने के लिए घर में ही अलाव जलाया था। कुछ देर आग तापने के बाद घर के सभी सदस्य सोने के लिए चले गए, लेकिन पत्नी बैठी रही। अचानक शोर सुनकर देखा तो पत्नी जल रही थी। किसी तरह से आग बुझाकर अस्पताल में भर्ती कराया। बताया कि तापने के दौरान साड़ी का पल्लू अलाव में गिर गया और आग ने पत्नी को चपेट में लिया। वहीं देर रात को ही रामगढ़ के कड़बिंधा गांव की जोसना देवी को भी जली हुई अवस्था में भर्ती कराया गया। जहां सुबह करीब छह बजे उसकी मौत हो गई। पति राकेश बायरा ने बताया कि देर शाम खाना खाने के बाद घर के अन्य सदस्य ने चाय पीने की इच्छा जाहिर की। पत्नी किचन में गैस पर चाय बना रही थी। पता नहीं कैसे साड़ी में आग लग गई। काफी प्रयास के बाद भी पत्नी काफी जल गई। सूचना मिलने पर नगर थाना के अशोक कुमार मौके पर पहुंचे और पंचनामा कर शवों का पोस्टमार्टम कराया। पतियों के बयान पर यूडी केस दर्ज किया गया है।