टीम एबीएन, रांची। रमेश शरण नहीं रहे। उनके साथ ही एक अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, सहयोगी शिक्षक, बेहतरीन व्यक्तित्व भी चला गया। शेष रह गयी उनकी प्रेरणा और यादें। स्टूडेंट सर्किल संस्थान के सभागार में रविवार को डॉ रमेश शरण की याद में एक पुप्पांजलि कार्यक्रम में उन्हें याद करते हुए प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अरविंद लाल ने कहा।
श्री लाल ने कहा कि डॉ शरण उन गिने चुने लोगों में थें जो युवाओं के लिये प्रेरणा बने और मेरे समय के दर्जनों युवाओं ने उनसे प्रेरणा पाकर गंभीरता से कुछ जानने समझने की बात सीखी। अपने संस्मरण में श्री लाल ने कहा कि अर्थशास्त्र उनका प्रिय विषय नहीं था लेकिन जब उन्होंने डॉ शरण से आग्रह किया कि उनका और उनके सहयोगी मित्रों का इस दिशा में मार्गदर्शन करें तो वे तुरंत तैयार हो गये। उन्होंने जो कुछ बताया जब मैंने उसका विश्लेषण किया तो पाया कि जो कठिन से कठिन पार्ट था उसे उन्होंने समझा दिया जिससे आसान बात स्वत: समझ में आ गयी।
स्टूडेंट सर्किल संस्थान का शुभारंभ के पीछे भी डॉ शरण की ही प्रेरणा थी। वे सदैव छात्रों को कुछ बताने के लिये तैयार रहते थे। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि वे एक एकेडमिक पर्सन थे और उन्हें वीसी बनने के बाद ज्यादा खुशी नहीं हुई थी। वे मान-अपमान से उपर सदैव झारखंड के हित में आर्थिक मुद्दों को उठाने के लिये प्रेरित रहते थे।
कार्यक्रम में कार्तिक उरांव कॉलेज गुमला के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष दिलीप प्रसाद ने कहा कि मैं एक ग्रामीण इलाके से आता हूं और अर्थशास्त्र जैसे विषय पर आज मेरी समझ इतनी है कि मैं 20 घंटे लगातार बोल सकता हूं तो यह डॉ शरण की देने है। वे एक शिक्षक के साथ बड़ें मोटिवेटर थे और हर समय विषयों के संबंध में समझाने कॉन्सेप्ट क्लियर करके ही मानते थे।
आज उनके पढ़ाने बताने की शैली का प्रभाव है कि मैं भी युवाओं को बेहतरीन ढंग से पढ़ा सकता हूं। कार्यकम में झारखंड वित्त सेवा के श्रवण कुमार ने कहा कि राज्य की समस्याओं पर उनकी ऐसी पकड़ थी कि वे जब बताते थे तब लगता था कि उन्हें उस विषय के तथ्यों का उनके दिमाग में कोई भ्रम नहीं है।
कार्यक्रम में अंत में संस्थान के कोर्स डायरेक्टर कृष्णा कुमार ने कहा कि वे ज्या द्रेज की तरह ही सामाजिक आर्थिक विकास को प्राथमिकता देने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने कहा कि उनके श्रंद्धांजलि कार्यक्रम में हमें उनके बताये मार्ग पर चलने की प्रेरणा लेना चाहिए।
कार्यक्रम में कंमाडेंट अमित कुमार, चिराग पब्लिक स्कूल सिल्ली दिनेश कुमार, सेवा निवृत अंचलाधिकारी कैलाश जी लखन जी,मुरलीधर और स्टूडेंट सर्किल के प्रबंध निदेशक सुभाष लाल ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में डॉ रमेश शरण के विचारों, शोध, आर्थिक विषयों पर लिखे आलेख और पाण्डुलिपि के आधार पर पुस्तक के प्रकाशन के लिये सामूहिक प्रयास को लेकर गंभीरत से प्रयास करने की आवश्यकता है जिससे आने वाले समस में लोगों को सही मार्गदर्शन मिल सके।