टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 9 जुलाई को वनवासी कल्याण केन्द्र के नवनिर्मित बहुद्देशीय भवन में क्षेत्रीय महिला प्रमुखों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अतुल जोग ने किया।
अपने उद्घाटन भाषण में वनवासी कल्याण आश्रम के स्थापना एवं उदेश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बालासाहब देशपांडे द्वारा स्थापित कल्याण आश्रम आज देश के सभी राज्यों में जनजाति समाज के धर्म-संस्कृति एवं परंपरा का संरक्षण करते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रयासरत है।
वनवासी कल्याण आश्रम के द्वारा जनजाति महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में भी अनेक कार्य किये जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उनको कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर कुटीर उद्योग से जोड़कर स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्रीय महिला प्रमुख वीणापाणि दास ने बिहार और झारखण्ड के विभिन्न जिलों से आयी महिला प्रमुखों को बताया कि जनजातीय महिलाओं में आज पलायन, डायन प्रथा की समस्या के साथ कुपोषण की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस दिशा में महिलाओं को शिक्षा के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। व्यावसायिक योजनाओं और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करने के लिए हमें जनजाति महिलाओं के बीच गंभीरता पूर्वक काम करना है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को भी स्वाभिमानी जीवन जीने के लिए आर्थिक निर्भरता जरूरी है इसलिए सरकार की विभिन्न योजनाओं के संबंध में भी महिलाओं को जागृत किया जा रहा है। महिलाओं का आर्थिक विकास हो इसके लिए कौशल विकास के प्रशिक्षण की सुविधा हर जिले में उपलब्ध करवाने की जिम्मेदारी भी निभानी पडेगी। स्थानीय रोजगार सृजन के उपायों पर भी विचार करना चाहिए।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में लव-जिहाद, नारी सुरक्षा, आर्थिक बचत, जन्म से मृत्यु तक की परम्पराओं, आध्यात्मिक, सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका आदि विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा। उक्त जानकारी प्रांत प्रचार प्रमुख सुनील सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।