विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने झारखंड में लिया बड़ा फैसला, सियासी हलचल तेज
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने एक बड़ा निर्णय लिया है। यूपी भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी को पार्टी ने झारखंड का प्रभारी नियुक्त किया है। इस महत्वपूर्ण नियुक्ति के बाद राज्य में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गयी हैं।
वहीं 17 जून को भाजपा ने शिवराज सिंह चौहान को चुनाव प्रभारी और हिमंत बिस्व सरमा को चुनाव सह प्रभारी नियुक्त किया था। शिवराज सिंह चौहान, जो मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, झारखंड के दौरे पर पहुंचे और उन्होंने बूथ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। उन्होंने कहा- झारखंड आकर अत्यंत प्रसन्न हूं। यहां के बूथ कार्यकताओं का संकल्प है कि भाजपा को जिताना है और झारखंड में सु-राज लाना है।
हेमंत सोरेन की वापसी
शिवराज सिंह चौहान का दौरा ऐसे समय में हुआ है जब झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली है। इससे पहले उनके करीबी चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। बीजेपी ने इस पर निशाना साधते हुए कहा कि हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन को मात्र पांच महीने में पद से हटा दिया, जिससे उनके खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरूपयोग के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, भाजपा न सताती है और न बचाती है, जांच एजेंसियां अपना काम करती हैं। यह बयान हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी झामुमो पर लगाये गये आरोपों के संदर्भ में दिया गया था। चौहान ने जोर देकर कहा कि भाजपा सिर्फ सुशासन के लिए काम कर रही है और किसी भी प्रकार के राजनीतिक द्वेष का सहारा नहीं ले रही है।
लक्ष्मीकांत बाजपेयी की भूमिका
लक्ष्मीकांत बाजपेयी की नियुक्ति को भाजपा की एक महत्वपूर्ण चाल माना जा रहा है। झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें प्रभारी बनाने का मकसद पार्टी की चुनावी रणनीति को मजबूत करना है। बाजपेयी ने झारखंड के विभिन्न जिलों का दौरा शुरू कर दिया है और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। उनका लक्ष्य है कि बूथ स्तर तक पार्टी को संगठित किया जाये और सभी कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका में लाया जाये।
भाजपा की चुनावी तैयारी
भाजपा ने झारखंड में अपनी चुनावी तैयारियों को तेज कर दिया है। पार्टी की नजर झारखंड में सत्ता वापस पाने पर है। इसके लिए वह हर संभव प्रयास कर रही है, चाहे वह बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना हो या प्रमुख नेताओं की नियुक्ति। शिवराज सिंह चौहान और हिमंत बिस्व सरमा जैसे वरिष्ठ नेताओं की नियुक्ति ने पार्टी की चुनावी तैयारियों को नया मोड़ दिया है।