टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 01/07/2024 को रांची विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आॅफ लीगल स्टडीज में राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, पटियाला के कुलपति प्रोफेसर डॉक्टर जयशंकर सिंह ने संविधान की क्रियाकलापों पर एक व्याख्यान प्रस्तुत किया। इस एक दिवसीय व्याख्यान में उन्होंने बीबीए, एलएलबी और एलएलएम के विद्यार्थियों को संबोधित किया।
बताया गया कि किस तरह भारत का संविधान विश्व के संविधानों से बिलकुल भिन्न है। उन्होंने कहा कि हम कई वषों तक अंग्रेजों की गुलामी में जकड़े रहे तत्पश्चात हमें आजादी मिली और उस आजादी का एक बहुत ही सुंदर उपहार हमारा संविधान है। संविधान की विशिष्टताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारे संविधान में मौलिक अधिकारों की चर्चा की गयी है।
ये वो मौलिक अधिकार हैं जिन्हें कभी बदला नहीं जा सकता। इन्हीं मौलिक अधिकारों की बदौलत हम एक स्वछंद नागरिक की तरह अपना जीवन यापन कर पाने में समर्थ हैं। बताया गया कि नागरिकों के अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए संविधान में तीन स्तंभों की व्यवस्था की गयी है यथा व्यवस्थापिका, कार्यपालिका एवं न्यायपालिका।
मौके पर आइएलएस के निदेशक डॉक्टर एसएन मिश्रा, निशिकांत प्रसाद, डॉक्टर शालिनी साबू, सुश्री रिमझिम वैष्णवी, डॉक्टर अजय राज, डॉक्टर अंगिका जयसवाल, अजीत कुमार सिंह, उदय प्रताप सिंह, बिमल मनोहर, डॉक्टर हैपी भाटिया, डॉक्टर जाकिर सभी सहायक प्रोफेसर एवं अन्य संस्थान के कर्मी भी उपस्थित थे।