कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर, कल्पना सोरेन के साथ जेल में की हेमंत से मुलाकात
टीम एबीएन, रांची। लोकसभा चुनाव खत्म होते ही झारखंड में सभी पार्टियां विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गयी हैं। भाजपा ने तो केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनाव प्रभारी और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा को सह चुनाव प्रभारी बनाकर रणनीति की कमान तक सौंप दी है।
इधर, इंडिया गठबंधन भी सक्रिय हो गया है। आज कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर अचानक पूर्व सीएम हेमंत सोरेन से मिलने दिल्ली से रांची एयरपोर्ट पहुंचे और सीधे बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा चले गये। इस मुलाकात को बिल्कुल सिक्रेट रखा गया था। क्योंकि मुकालात के बाद गुलाम अहमद मीर अगली फ्लाइट से सीधे वापस दिल्ली लौट गये। इससे साफ है कि वह विशेष रूप से सिर्फ हेमंत सोरेन से मिलने आये थे।
इस मुलाकात को बेहद खास बताया जा रहा है। इसकी वजह भी है। दरअसल, झारखंड कांग्रेस के अध्यक्ष समेत तमाम बड़े पदाधिकारी दिल्ली में हैं। वहां राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बैठक भी हुई थी। इसी बीच कांग्रेस प्रभारी का रांची आकर हेमंत से मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि आलमगीर आलम की गिरफ्तारी के बाद से खाली 11वें मंत्री पद को भरने के लिए भी चर्चा हुई है। नाम भी तय हो चुका है। हालांकि दिल्ली लौटते वक्त गुलाम अहमद मीर ने सिर्फ इतना कहा कि बहुत जल्द मंत्री के नाम की घोषणा होगी। इस मुलाकात के दौरान सीट शेयरिंग को लेकर भी चर्चा हुई है।
सूत्रों के मुताबिक इस बात पर भी चर्चा हुई है कि आगामी विस चुनाव में इंडिया गठबंधन किन मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेगा। गौर करने वाली बात यह है कि 2019 के चुनाव के वक्त महागठबंधन में झामुमो, कांग्रेस और राजद शामिल थे। लेकिन इस बार भाकपा माले को भी जगह दिया जाना है। लिहाजा, इस विषय पर भी चर्चा हुई है। सबसे खास बात है कि इस मुलाकात के वक्त गांडेय से नवनिर्वाचित विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थी।