बेरमो/कथारा। सीसीएल कथारा वाशरी में कार्यरत सीसीएलकर्मी रामकुमार मांझी की ड्यूटी के दौरान रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ी। तबीयत बिगड़ती देख सहकर्मी इलाज के लिए उसे कथारा क्षेत्रीय अस्पताल आनन फानन में भर्ती करने ले जा रहे थे। मगर दुर्भाग्य से उसकी बीच रास्ते में ही कर्मी ने दम तोड़ दिया। सीसीएल कथारा क्षेत्रीय अस्पताल की महिला चिकित्सक निशा टोपो ने सीसीएल कर्मी की जांच उपरांत मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलते ही कथारा ओपी पुलिस, मृतक के परिजन तथा श्रमिक संगठन के नेतागण कथारा क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। मृतक के आश्रित को नौकरी व मुआवजा की राशि अविलंब देने की मांग को लेकर श्रमिक संगठन के नेता अस्पताल में ही शव रख अड़े हुए थे। वहीं दूसरी ओर मृतक के आश्रित को नौकरी और मुआवजा देने के मामले में सीसीएल प्रबंधन से विलंब होता देख तमाम जुटे श्रमिक संगठन के नेताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा था। साथ ही जनता मजदूर संघ के कथारा क्षेत्रीय सचिव कामोद प्रसाद ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रबंधन नौकरी व मुआवजा देने में टाल मटोल किया तो शव को रखकर श्रमिक संगठन अपनी चट्टानी एकता का परिचय देगा। बताते चलें कि सीसीएल कर्मी लाईन फिटर के पद पर सीसीएल कथारा वाशरी में कार्यरत थे। मौके पर वाशरी परियोजना पदाधिकारी के मुरली बाबू, अजय सिंह, वरुण सिंह, इसराफिइल अंसारी उर्फ बबनी, मो जानी, मो वकील अंसारी, कामोद यादव, दयाल यादव, सर्वजीत पांडे, शमशुल हक, छोटन राम, देवेंद्र यादव, एस अवस्थी एवं उनके साथी कर्मचारी और परिजन उपस्थित थे। सीसीएल प्रबंधन के लंबे मंथन के बाद मृतक के छोटे पुत्र को नियुक्ति पत्र सौंपा गया। आश्रितों को सीसीएल प्रबंधन ने क्या मुआवजा दिया, इसकी जानकारी समाचार लिखे जाने तक नहीं मिल पाई थी।