खुलेंगे आर्थिक समृद्धि के द्वार, घाटशिला में बोले सीएम चंपाई सोरेन
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन रविवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला पहुंचे। उन्होंने बुरुडीह डैम को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से क्षेत्र का भ्रमण किया। कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बुरुडीह डैम को राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जायेगा। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेंगे, बल्कि इलाके में आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलेंगे। घाटशिला को नई पहचान मिलेगी।
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार राज्य के कई नये पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। झारखंड प्रकृतिक सुंदरता के दृष्टिकोण से आकर्षक राज्य है। यहां पर्यटन की प्रबल संभावनाएं हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार राज्य में चिन्हित कई धार्मिक, आध्यात्मिक स्थलों सहित पहाड़, डैम, फॉल आदि आकर्षक जगहों को विकसित करने के उद्देश्य से कार्ययोजना बना रही है।
सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड आंदोलन के समय ही व्यक्तिगत रूप से मैं जंगल से घिरे हुए इस ऐतिहासिक बुरुडीह डैम की खूबसूरती से परिचित हूं। इस डैम का सर्वांगीण विकास हो, यह पहले से ही मेरे मन में था। इस डैम का पानी बुरुडीह आस-पास क्षेत्र के किसानों को मिले, इसी उद्देश्य से हमारी सरकार आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार हर क्षेत्र में विकास की एक लंबी लकीर खींचने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा कि बुरुडीह डैम का सौंदर्यीकरण सहित राष्ट्रीय पर्यटन स्थल के लिए जरूरी सभी व्यवस्थाओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर पूरा करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। यहां गेस्ट हाउस, खेल मैदान, पार्क निर्माण इत्यादि सभी कार्य प्राथमिकता के तौर पर किये जायेंगे। विभिन्न राज्यों से लोग इस पर्यटन स्थल में आकर यहां की खूबसूरती का आनंद ले सकें, इसके लिए डैम को कनेक्ट करने वाली सड़क सहित बिजली, पानी और पर्यटकों के ठहरने की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। बुरुडीह डैम को विकसित कर घाटशिला क्षेत्र को एक नई पहचान देनी है। मौके पर मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण किया एवं पेड़ों में रक्षासूत्र बांधकर वृक्ष को संरक्षित करने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने अवलोकन के दौरान अधिकारियों से राज्य सरकार द्वारा बुरुडीह डैम में किये जाने वाले कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली। मौके पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग, वन विभाग और पूर्वी सिंहभूम जिले के अधिकारियों को बेहतर तालमेल और समन्वय बनाकर बुरुडीह डैम के विकास कार्य को निश्चित समय सीमा के अंतर्गत मूर्त रूप देने का निर्देश दिया।
सीएम चंपाई सोरेन ने कहा कि घाटशिला क्षेत्र से उनका गहरा लगाव रहा है। यहां के कई इलाकों का उन्होंने भ्रमण किया है। बुरुडीह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है तो निश्चित रूप से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। झारखंड सरकार को मालूम है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहनेवाले लोग वन-संपदा पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में यहां के लोगों को रोजगार मिलना चाहिए, ताकि वे बेहतर जीवन-यापन कर सकें।
पूर्वी सिंहभूम की डीएफओ ममता प्रियदर्शी ने कहा कि यहां 1 एकड़ 93 डिसमिल वन भूमि है। इसको विकसित करने की योजना है। इस वन भूमि पर पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। यहां पर झारखंड, ओडिशा और बंगाल के पर्यटकों का अक्टूबर से आना-जाना लगा रहता है। क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से आर्थिक समृद्धि आयेगी।
घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए डीपीआर बनायी गयी है। लगभग 62 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गयी है। पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के साथ ही होटल बिरसा मुंडा गेट समेत कई योजनाओं पर कार्य किये जायेंगे।