- बाबूलाल के नेतृत्व में झारखंड में विधानसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में जुटी झारखंड भाजपा ने आज विधानसभा चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान और सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा की उपस्थिति में प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ता बैठक की।
इस बैठक में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के साथ साथ सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और पार्टी के पदाधिकारी शामिल हुए।
भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यकर्ता बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा शामिल रहे। यहां हिमंत ने कहा कि राज्य में भाजपा और एनडीए ने लोकसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और वह इसके लिए राज्य की जनता के साथ साथ भाजपा के कार्यकर्ताओं को धन्यवाद करने आये हैं।
राज्य की वर्तमान सरकार देश की सबसे भ्रष्ट और घटिया सरकार : शिवराज सिंह चौहान
बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में देश के कृषि मंत्री और झारखंड के विधानसभा चुनाव प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में आज के तारीख में जो सरकार चल रही है वह सबसे घटिया और भ्रष्ट सरकार है। इस सरकार में हर तरफ लूट है। खनिज की लूट, कोयले की लूट, ट्रांसफर पोस्टिंग में लूट ही लूट है। मंत्री-मुख्यमंत्री जेल में हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब राज्य की जनता ने इस भ्रष्ट सरकार से मुक्ति का फैसला कर लिया है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य की जनता 2019 में झामुमो और महागठबंधन के लोकलुभावन लेकिन झूठे नारों के चक्कर में फंस गयी थी, लेकिन आज स्थिति दूसरी है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी देने के वादे का क्या हुआ। नौकरी नहीं दे सकने पर बेरोजगारी भत्ता देने वाले वादे का क्या हुआ यह आज जनता पूछ रही है।
वहीं, हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2024 में राज्य के 52 विधानसभा क्षेत्र में भाजपा आगे रही है। इससे साफ होता है कि अगला विधानसभा चुनाव जीत कर एनडीए सरकार बनाने जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिस राज्य में मुख्यमंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में उम्मीदवार को लीड नहीं दिला सकें, उनकी लोकप्रियता के बारे में क्या कहा जाये। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर चम्पाई सोरेन की जगह वह होते तो तत्काल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिये होते।