- अंतिम विदाई में उमड़ा लोगों का जनसैलाब
- निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
- किसान आंदोलन के दौरान माथे पर लगी थी चोट
- करीब तीन माह कोमा में रहने के बाद हुआ निधन
टीम एबीएन, कोडरमा। सतगावां थाना क्षेत्र के कटैया पंचायत अंतर्गत ग्राम भखरा निवासी सीताराम पासवान के 54 वर्षीय पुत्र सीआरपीएफ के सब -इंस्पेक्टर उमाचरण पासवान का निधन बीते 16 जून को इलाज के दौरान दिल्ली में हो गया। वे दिल्ली -हरियाणा बॉर्डर में पदस्थापित थे।
तीन माह पूर्व हुए किसान आंदोलन के धरना स्थल पर ड्यूटी के दौरान माथे पर चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गये थे। बेहोशी हालत में उन्हें दिल्ली के वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनका इलाज किया जा रहा था। करीब तीन माह तक जिंदगी और मौत से जूझते रहे। आखिरकार बीते 16 जून को मौत के आगे हार गये। बताते चलें कि वे मई वर्ष 1988 में सीआरपीएफ कांस्टेबल के पद पर अपना योगदान मोकामा दिए थे। वर्ष 2022 में पदोन्नति के बाद सब इंस्पेक्टर के रूप में प्रभार संभाला। वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सुरक्षा में भी 2 वर्ष तक सेवा दिये थे।
- निधन की सूचना मिलते ही मच गया हाहाकार
निधन की सूचना मिलते ही घर में मानो हाहाकार मच गया। अचानक रोने पीटने की आवाज सुन आसपास के लोग जब उनके घर की ओर भागे-भागे पहुँचे तो उन्हें यह मनहूस खबर मिली।इसके बाद तो उनके दरवाजे पर भीड़ का तातां लग गया।
- परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर- सब -इंस्पेक्टर के निधन पर परिजन नि: शब्द हो गये। वहीं पत्नी, बेटा-बेटी का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी आंखों से आंसू थम नहीं पा रहे थे। निधन से गांव सहित पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक की लहर है।
- राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल
सतगावां थाना से मंगलवार की अहले सुबह अंतिम यात्रा निकाली गयी। इस यात्रा में सीआरपीएफ के पदाधिकारी मनोज सिंह थाना प्रभारी विजय गुप्ता, सीआईएसएफ के जवान व पुलिस बल शामिल हुए। इस दौरान युवाओं ने उमाचरण पासवान अमर रहे आदि नारे लगाते हुए यात्रा उनके पैतृक आवास भखरा पहुंची। जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
- अंतिम यात्रा में ये हुए शामिल
पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता, जिप सदस्य नीतू कुमारी, उप प्रमुख मनोज कुमार निराला, भाजपा मंडल अध्यक्ष जयशंकर प्रसाद, महामंत्री प्रदीप यादव, सांसद प्रतिनिधि विनोद यादव, प्रमुख प्रतिनिधि रामावतार चौधरी, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि नरेश यादव, स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि श्रवण रविदास, मनोज भगत, धीरज सिंह, शिवबालक प्रसाद यादव समेत सैकड़ों युवा व ग्रामीण महिला पुरुष शामिल थे।