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लोहरदगा के टीको गांव स्थित वीर बुधू और हलधर -गिरधर शहादत स्थल के पर्यटकीय विकास का हुआ शिलान्यास

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लोहरदगा के टीको गांव स्थित वीर बुधू और हलधर -गिरधर शहादत स्थल के पर्यटकीय विकास का हुआ शिलान्यास
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लोहरदगा। लोहरदगा के कुडू प्रखंड स्थित टी को ग्राम में आज डॉ रामेश्वर उरांव मंत्री योजना सह वित्त विभाग, वाणिज्य कर, खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले, झारखंड सरकार द्वारा शहीद वीर बुधु भगत सह हलधर गिरधर शहादत स्थल के पर्यटक स्थल के रूप में विकास का शिलान्यास किया गया। इस योजना के अंतर्गत 95 लाख रुपये की राशि से स्थल का पर्यटकीय विकास किया जाएगा। शिलान्यास से पूर्व माननीय मंत्री समेत अन्य अतिथियों द्वारा सभी शहीदों के शहादत स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित की गई व माल्यार्पण किया गया। उद्घाटन के मौके पर मंत्री ने कहा कि 1857 का विद्रोह के पहले कम्पनी सरकार के विरुद्ध आंदोलन का बिगुल फूंकने वाले पहले आंदोलनकारी थे। वीर बुधू भगत। वर्ष 1830-31 में ही कम्पनी सरकार के द्वारा बेतहाशा लगान वृद्धि का बुधू भगत ने पुरजोर विरोध किया। जमींदारी प्रथा, महाजनी प्रथा, साहूकार के वे धुर विरोधी थे। तत्कालीन सरकार के विरुद्ध उन्होंने युवाओं को एकजुट किया और लरका आंदोलन छेड़ा। उस समय कोल विद्रोह भी साथ-साथ चल रहा था। युवाओं के बीच बुधू भगत का प्रभाव बढ़ता देख कम्पनी सरकार ने उन्हें जान से मारने की योजना बनायी और एक हज़ार का ईनाम रखा। एक दिन जब वे टीको ग्राम में एक रात आंदोलन की योजना बना रहे थे तो इसकी भनक कम्पनी के लोगों को लग गयी। उस रात बड़ी भीषण लड़ाई हुई और जिसमें वीर बुधू भगत काफी वीरता से लड़े। इस लड़ाई में कम्पनी सरकार को काफी क्षति बुधू भगत की सेना ने पहुंचायी। लेकिन अंततः वीर बुधू भगत और उनके बेटे हलधर गिरधर भी शहीद हो गए। रुनिया और झुनिया भी शहीद हुईं। उनकी एक बहन सिंगनी भगत भी शहीद हुईं।हम उनके बलिदान की कीमत नहीं चुका सकते, लेकिन हमारी सरकार ने टीको ग्राम स्थित इस शहादत स्थल का पर्यटकीय विकास करने का निर्णय लिया है। हम इस स्थल का शिलान्यास कर रहे हैं और अगले कुछ माह में इस स्थल को पर्यटकों व तीर्थयात्रियों के लिए विकसित कर दिया जाएगा। लोग यहां आएंगे तो उनके लिए विश्राम करने व अन्य सुविधाएं मौजूद होंगीं। कार्यक्रम में मांडर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बंधु तिर्की ने कहा कि स्थानीय लोग इस स्थल के रख-रखाव के लिए ट्रस्ट का निर्माण करें। इस परिसर में जो विद्यालय है उसका भी विकास करें। अपने समाज के लोगों को शिक्षित करें। मांडर विधायक ने कहा कि पूर्व में शहादत स्थल की घेराबंदी के लिए सहयोग दिया गया था। इस शहादत स्थल को पर्यटन स्थल व तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने का आवाज विधान सभा में उठाया था जिसका परिणाम है। शिलान्यास कार्यक्रम में उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो ने कहा कि स्थानीय लोगों की इच्छा व सोच की वजह से यह विकास सम्भव हो रहा है। आनेवाले समय में और भी विकास से जुड़े कार्य होंगे।प्रशासन, सरकार का सहयोग हमेशा रहेगा। आप सभी इस शहादत स्थल को आनेवाली पीढ़ी के लिए सहेज कर रखें। इस स्थल पर एक गेस्ट रूम रहेगा जिसमें एक कॉन्फ्रेंस हॉल और चार कमरे होंगे। शौचालय व पेयजल की सुविधा होगी। समाधि स्थल तक सड़क का निर्माण होगा। चहारदीवारी ऊंची होगी। कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विशेष प्रमंडल अभय कुमार, अशोक यादव, निशीथ जायसवाल, पुजारी मंगरा उरांव,जलेश्वर उरांव व बड़ी संख्या में टाना भगत मौजूद थे।
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