झारखंड
गंगा-जमुनी तहजीब का आधार स्तंभ शहीद अशफ़ाकउल्लाह : महेश सिंह
ABN Bureau
•
19 Dec, 2021
•
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लोहरदगा। भाईचारा व हिन्दू-मुस्लिम सिक्ख-ईसाई एकता का प्रतीक शहीद अशफ़ाक उल्लाह खान, राम प्रसाद विस्मिल और ठाकुर रौशन सिंह की 95वीं शहादत दिवस पर शहीद अशफ़ाक उल्लाह खान स्मारक स्थल बगड़ू मोड़ लोहरदगा में भाकपा (माले) लिब्रेशन, जिला कमिटी के तत्वावधान में शहादत दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम शहीदों की याद में एक मिनट का मौन रखकर पुष्पांजलि देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित किया गया तथा शहीदों के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया। तत्पश्चात अंग्रेजों को भारत से खदेड़ने में काकोरी कांड के ताकतवर शहीद अशफ़ाक उल्लाह खान के जीवनकाल की घटनाओं व जीवनी के बारे में बिस्तार से वर्णन किया गया तथा शहीदों को आजाद भारत में गंगा-जमुनी तहजीब का आधार स्तंभ बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज जो हमलोग लोकतांत्रिक आजाद भारत में रह रहे हैं, इन्हीं शहीदों की देन है। अंत में इंकलाब-जिन्दाबाद, शहीद अशफ़ाक उल्लाह खान जिन्दाबाद, शहीद अशफ़ाक उल्लाह खान अमर रहे, शहीद राम प्रसाद विस्मिल अमर रहे, शहीद ठाकुर रौशन सिंह अमर रहे, शहीदों तेरे सपनों मंजिल तक पहुंचायेंगे आदि नारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में महेश कुमार सिंह, केश्वर साहू, टून्ना खान, अल्ताफ हुसैन, मुमताज अहमद, शाहनवाज अख्तर, युसूफ तुरानी, सैयद वसीम, जफर अलीम, तौहीद आलम, तौहीर खान, अर्स खान, मो साहेब, ऐनुल खलीफा, तौसीन अहमद, तनवीर आलम, सोनू खान, पीकू खान, मनीरूद्दीन आदि शामिल थे।
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