रांची। रविवार को कांके जयपुर में वर्षगांठ पर भव्य सरना प्रार्थना सभा की गई, जिसमें पिंगल पाहन की अगुवाई में ग्रामीण एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों सरना श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन केन्द्रीय सरना समिति के तानसेन गाड़ी ने किया। मुख्य वक्ता राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा के प्रदेश महासचिव रवि तिग्गा ने कहा कि सरना धर्म प्रकृति आधारित विश्व धर्म है। जनगणना प्रपत्र में शामिल कर सरना धर्म और पुरखों की विरासत को संरक्षित किया जा सकता है। केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष नारायण उरांव ने कहा कि सरकार को पहल कर आदिवासियों के धार्मिक सामाजिक भूमि की रक्षा करनी चाहिए। केन्द्रीय सरना संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि पुरखों की राह पर चलकर और एकजुटता से समाज के हर समस्या का समाधान हो सकता है। राष्ट्रीय प्रचारिका रेणु तिर्की ने कहा कि सरना प्रार्थना सभा समाज का स्कूल है जहां से अपने परंपरा संस्कृति के साथ संस्कार सीखते हैं। आदिवासी छात्र संघ के जिलाध्यक्ष प्रभात तिर्की ने कहा शिक्षा के बच्चों में संस्कार जरूरी है। सैकड़ों सरना श्रद्धालु सहित सभा में संरक्षक माधो कच्छप, बहुरा उरांव, राजू लकड़ा, जगरनाथ उरांव, मांगा उरांव, राजकुमार कच्छप, वीणा कुजूर, कुईली उरांव, महादेव उरांव एवं अन्य शामिल हुए।