टीम एबीएन, रांची। रांची लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार संजय सेठ ने बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि रांची लोकसभा क्षेत्र में लगभग एक लाख भाजपा समर्थक मतदाताओं को वोट डालने से वंचित रखा गया। यह सब प्रशासनिक हेर फेर के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा भाजपा समर्थकों को पर्ची नहीं दिया गया, जिससे वे मतदान करने से वंचित रह गए। श्री सेठ द्वारा ऐसा कहा जाना उनकी हार को स्वीकार करने के जैसा है।
रांची जिला राजद के अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो ने कहा कि ऐसे भी ईचागढ़ और सिल्ली में कांग्रेस पहले नंबर पर है। हटिया में भी कमोबेश यही स्थिति है और यहां एच ई सी का मुद्दा गरमाया रहा। खिजरी तो कांग्रेस का और ईचागढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा का सीट रहा है। वहां भी कांग्रेस को अच्छा खासा वोट मिला है। केवल रांची विधानसभा सीट में बीजेपी कांग्रेस से आगे रह सकती है।
लगभग हर 6 विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति बहुत ही अच्छी है और यह सीट यशस्विनी सहाय लगभग जीत चुकी है। केवल चार जून को मतगणना का इंतजार है। श्री महतो ने रांची लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं के प्रति आभार प्रकट किया, जिन्होंने कड़ी धूप में भी निकल कर मतदान किया और सांप्रदायिक ताकत को हारने का काम किया।