टीम एबीएन, रांची। पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय ने आज अपनी पार्टी भारतीय जनतंत्र मोर्चा से रांची लोकसभा सीट के लिए घोषित उम्मीदवार धर्मेंद्र तिवारी के लिए चुनावी संकल्प पत्र जारी किया। उन्होंने चुनाव चिह्न सिलेंडर छाप को भी मीडिया के सामने प्रस्तुत करते हुए लोगों से तीसरे मोर्चे के रूप में उनके प्रत्याशी धर्मेंद्र तिवारी के लिए वोट करने की अपील की।
इस दौरान पूर्व मंत्री सरयू राय ने कहा कि कोडरमा लोकसभा सीट से सीपीआई माले उम्मीदवार विधायक विनोद सिंह का वह समर्थन करेंगे और उनके पक्ष में चुनावी सभाएं भी करेंगे। भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार मुहिम चलाने वाले पूर्व मंत्री और विधायक सरयू राय ने कहा कि रांची लोकसभा सीट से उनकी पार्टी की तरफ से धर्मेंद्र तिवारी मैदान में हैं।
उनके लिए वह चुनावी सभाएं करेंगे। इसके साथ-साथ कोडरमा में इंडिया ब्लॉक से माले के उम्मीदवार विनोद सिंह की बेदाग छवि को देखते हुए उनका समर्थन किया जाएगा। इसके अलावा धनबाद लोकसभा सीट और जमशेदपुर लोकसभा सीट पर भारतीय जनतंत्र मोर्चा किसका समर्थन करेगा, इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में 35 सीट पर उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी में सरयू
झारखंड विधानसभा चुनाव में 35 सीट पर उम्मीदवार खड़ा करने की तैयारी के तौर ओर लड़ रहे हैं लोकसभा चुनावः लालपुर स्थित आनंद कॉम्प्लेक्स में पार्टी का संकल्प पत्र लोकार्पण के बाद संवाददाता सम्मेलन के दौरान सरयू राय ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यह सही है कि पार्टी सिर्फ एक रांची लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ रही है, लेकिन इस चुनाव का अनुभव विधानसभा चुनाव में काम आएगा। लोकसभा चुनाव के अनुभव के आधार पर हमारी पार्टी 35 विधानसभा सीट पर योग्य, भरोसेमंद और ईमानदार प्रत्याशी खड़ा करेगी।
इंडिया गठबंधन और एनडीए दोनों का राजनीतिक चरित्र एक समान : सरयू
धनबाद में भाजपा द्वारा एक आपराधिक छवि के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाए जाने पर सरयू राय ने कहा कि एक ओर पीएम मोदी और भाजपा के नेता कहते हैं कि उनकी लोकप्रियता चरम पर है, तब तो उन्हें ठोक बजाकर प्रत्याशी उतारना चाहिए था। लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को टिकट दे दिया जिसका चरित्र ही खराब है।
सरयू राय ने कहा कि राज्य में इंडिया गठबंधन और एनडीए दोनों का राजनीतिक चरित्र एक समान है। ऐसे में वह जनता के सामने तीसरा विकल्प लेकर विधानसभा चुनाव में आएंगे। इस दौरान सरयू राय ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उसमें भेदभाव नहीं होना चाहिए।